सरकार ने रक्षा कूटनीति पर रणनीतिक खाका जारी किया, अगले दशक के लिए भारत का दृष्टिकोण बताया
सरकार ने रक्षा कूटनीति पर रणनीतिक खाका जारी किया, अगले दशक के लिए भारत का दृष्टिकोण बताया
नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को रक्षा कूटनीति पर एक दस्तावेज का विमोचन किया। रक्षा नामक यह व्यापक दस्तावेज अगले 10 वर्षों में वैश्विक रक्षा साझेदारियों पर देश के रणनीतिक खाके और दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘रक्षा कूटनीति भारत की विदेश नीति का एक मुख्य स्तंभ है, इसलिए यह दस्तावेज अगले दशक के लिए एक स्पष्ट और व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि भारत बदलते वैश्विक परिदृश्य में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बना रहे।’’
मंत्रालय ने कहा कि यह दस्तावेज देश की रणनीतिक प्रतिबद्धता में एक बदलाव को दर्शाता है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों को सक्रिय वैश्विक सहयोग के साथ जोड़ा गया है। इससे दीर्घकालिक स्थिरता और पारस्परिक विकास को बढ़ावा मिलता है।
सिंह ने नयी दिल्ली में रक्षा कूटनीति पर इस दस्तावेज का विमोचन किया।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘यह व्यापक दस्तावेज अगले 10 वर्षों में वैश्विक रक्षा साझेदारियों पर देश के रणनीतिक खाके और दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।’’
रणनीतिक खाके में जिन प्रमुख स्तंभों को रेखांकित किया गया है, उनमें रणनीतिक साझेदारी, दक्षता विकास, स्वदेशी निर्यात और समुद्री सुरक्षा शामिल हैं।
बयान में कहा गया कि रणनीतिक साझेदारी के तहत द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है। दक्षता विकास के अंतर्गत संयुक्त सैन्य अभ्यासों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देना तथा मित्र देशों के साथ रक्षा के सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करना शामिल है।
स्वदेशी निर्यात के तहत भारत में निर्मित रक्षा प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देकर देश को एक विश्वसनीय वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। समुद्री सुरक्षा के तहत लक्ष्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा प्रदाता और किसी घटना, आपदा की स्थिति में सबसे पहले कदम उठाने वाले के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत करना है।
भाषा आशीष पवनेश
पवनेश

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