गतिरोध खत्म करने का सरकार का प्रयास विफल, विपक्ष ‘चढ़ावा चोरी’ से जुड़ी मांग पर भी कायम

गतिरोध खत्म करने का सरकार का प्रयास विफल, विपक्ष ‘चढ़ावा चोरी’ से जुड़ी मांग पर भी कायम

गतिरोध खत्म करने का सरकार का प्रयास विफल, विपक्ष ‘चढ़ावा चोरी’ से जुड़ी मांग पर भी कायम
Modified Date: August 10, 2026 / 06:06 pm IST
Published Date: August 10, 2026 6:06 pm IST

नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) संसद में जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार ने सोमवार को छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की पेशकश की, लेकिन कांग्रेस ने कहा कि विपक्ष अयोध्या के राम मंदिर से कथित चढ़ावे की चोरी के मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की अपनी दोनों मांगों पर कायम है।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि ये दोनों मांगें एक दूसरे से जुड़ी हैं तथा ‘‘विपक्षी एकजुटता’’ में दरार डालने के सरकार के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में सरकार की तरफ से विपक्ष को प्रस्ताव दिया गया कि छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के बाद गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देने को तैयार हैं।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने लोकसभा में कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह इस पर विस्तार से जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन जरूरी है कि विपक्ष गृह मंत्री का पूरा जवाब सुने और सदन की कार्यवाही में व्यवधान न डाले।

सरकार की तरफ ये यह पेशकश उस वक्त की गई, जब अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी पर चर्चा तथा प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर शाह के जवाब की मांग को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) समेत विपक्षी सदस्य पिछले कई दिनों से दोनों सदनों में हंगामा कर रहे हैं।

रीजीजू ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पहले दिन से यह मांग कर रहे थे कि गृह मंत्री अमित शाह को (छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर) जवाब देना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं सरकार की ओर से स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि सरकार छात्रों के मामले को लेकर चर्चा के लिए तैयार है और पूरा जवाब देने के लिए तैयार है। गृह मंत्री अमित शाह विस्तार से जवाब देने को तैयार हैं।’’

रीजीजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस और विपक्ष से अनुरोध है कि उन्हें गृह मंत्री के जवाब के समय डरना नहीं है, भागना नहीं है। उन्हें पूरा जवाब सुनना पड़ेगा।’’

उन्होंने कहा कि बीएसी की बैठक में भी सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह इस विषय पर विस्तार से चर्चा और जवाब देने के लिए तैयार है।

सरकार की पेशकश के बाद कांग्रेस ने कहा कि विपक्ष राम मंदिर से कथित चढ़ावा चोरी पर प्रधानमंत्री मोदी के वक्तव्य तथा चर्चा और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा और गृह मंत्री के जवाब की मांग से पीछे नहीं हटेगा।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इन दोनों मांगों को अलग-अलग कर विपक्षी एकजुटता तोड़ने की केंद्र की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि संसद का मौजूदा सत्र शुरू होने के बाद से विपक्ष लगातार और पुरजोर तरीके से इन दोनों मुद्दों को उठा रहा है।

रमेश ने कहा कि विपक्ष की पहली मांग प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर दिल्ली पुलिस की कथित ‘‘बर्बरता’’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री का बयान और उसके बाद दोनों सदनों में इस मुद्दे पर चर्चा है।

उन्होंने कहा कि दूसरी मांग अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा ‘‘चंदा चोरी, चढ़ावा चोरी और आस्था से धोखा’’ किए जाने के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री के बयान तथा दोनों सदनों में इस विषय पर व्यापक चर्चा की है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के गठन की घोषणा प्रधानमंत्री ने पांच फरवरी, 2020 को लोकसभा में की थी।

रमेश ने कहा, ‘‘मोदी सरकार की ओर से विपक्षी एकता और एकजुटता को तोड़ने के आखिरी प्रयास में अब इन दोनों मांगों को अलग-अलग नहीं किया जा सकता।’’ उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।

इससे पहले संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में रीजीजू ने कहा था कि सरकार छात्र आंदोलनों तथा उनसे संबंधित गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा था कि विपक्ष को गृह मंत्री और सरकार का जवाब सुनना चाहिए तथा चर्चा के बाद जवाब के समय सदन से बाहर चले जाना स्वीकार्य नहीं होगा।

मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री शाह के बयान की मांग पर अड़ा है। इन दोनों मुद्दों सहित अन्य विषयों को लेकर संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई है।

भाषा हक हक वैभव

वैभव


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