सरकार की औषधि नीति सुदृढ़, इसका मुख्य उद्देश्य दवाओं को किफायती दरों पर उपलब्ध कराना है: नड्डा

सरकार की औषधि नीति सुदृढ़, इसका मुख्य उद्देश्य दवाओं को किफायती दरों पर उपलब्ध कराना है: नड्डा

सरकार की औषधि नीति सुदृढ़, इसका मुख्य उद्देश्य दवाओं को किफायती दरों पर उपलब्ध कराना है:  नड्डा
Modified Date: February 3, 2026 / 06:04 pm IST
Published Date: February 3, 2026 6:04 pm IST

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को कहा कि सरकार आवश्यक दवाओं को किफायती दरों पर उपलब्ध कराने के साथ-साथ फार्मा उद्योग का विकास सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है।

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए नड्डा ने यह बात कही। मंत्री ने उद्योग के विकास और आवश्यक दवाओं की मूल्य निर्धारण नीति के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

नड्डा ने कहा, ‘हमारी औषधि नीति और मूल्य निर्धारण नीति सुदृढ़ और स्थिर हैं।’

मूल्यों के नियमन पर मंत्री ने कहा कि यह एक सतत प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, ‘मूल्य निर्धारण नीति के माध्यम से हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दवाएं सुलभ और किफायती हों। दूसरा, उद्योग का विकास होना चाहिए। नवाचार होना चाहिए और रोजगार सृजन के अवसर होने चाहिए।’

मंत्री ने कहा, ‘हमें एक संतुलन बनाए रखना होगा,’ और सरकार उस संतुलन को बनाने के लिए प्रयासरत है।

नड्डा ने कहा कि नीतिगत मुद्दों पर परामर्श एक सतत और पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसे विभाग द्वारा सभी हितधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए, यदि आवश्यक हो तो मौजूदा नीति सुधार की प्रासंगिकता, प्रभाव और दक्षता का आकलन करने के लिए किया जाता है।

उन्होंने कहा कि 2024 में, विभाग और राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण नीति, 2012 (एनपीपीपी, 2012) और औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 (डीपीसीओ, 2013) से संबंधित मामलों पर विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श किया।

मौजूदा नीतिगत ढांचे के संचालन पर हितधारकों से प्रतिक्रिया प्राप्त हुई।

उन्होंने कहा, “विभाग और एनपीपीए हितधारकों के साथ निरंतर संपर्क में हैं ताकि मुद्दों को समझा जा सके और मौजूदा व्यवस्था के तहत या उचित प्रावधान करके उनका समाधान किया जा सके।”

डीपीसीओ, 2013 की समीक्षा एक सतत प्रक्रिया है जो विभाग द्वारा समय-समय पर या आवश्यकतानुसार की जाती है। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए की जाती है कि प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और आवश्यक दवाएं जनता को किफायती मूल्य पर सुलभ और उपलब्ध कराई जा सकें।

मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से मुफ्त दवाएं और निदान सुविधाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र के माध्यम से ‘जेनेरिक’ दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

नड्डा ने सदन को सूचित किया कि पिछले 10 वर्षों में दवाओं पर ‘‘सामर्थ्य से अधिक होने वाला खर्च’’ 62.6 प्रतिशत से घटकर 39.4 प्रतिशत हो गया है।”

भाषा

माधव अविनाश

अविनाश


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