कल्याणकारी उपायों, पारदर्शी शासन पर सरकार का फोकस : केरल के राज्यपाल

कल्याणकारी उपायों, पारदर्शी शासन पर सरकार का फोकस : केरल के राज्यपाल

कल्याणकारी उपायों, पारदर्शी शासन पर सरकार का फोकस : केरल के राज्यपाल
Modified Date: May 29, 2026 / 03:55 pm IST
Published Date: May 29, 2026 3:55 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 29 मई (भाषा) केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि नवगठित यूडीएफ सरकार इंदिरा गारंटी, संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के पांच चुनावी वादों को लागू करने, राज्य की वित्तीय स्थिति के बारे में जनता को सूचित करके पारदर्शी शासन सुनिश्चित करने एवं मादक द्रव्यों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।

केरल की 16वीं विधानसभा का पहला सत्र शुक्रवार को राज्यपाल आर्लेकर के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ।

आर्लेकर ने अपने नीतिगत अभिभाषण में कहा कि राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति, जिसमें उसकी देनदारियां और दायित्व शामिल हैं, के बारे में लोगों को स्पष्टता प्रदान करने के लिए एक श्वेत पत्र जारी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इंदिरा गारंटी योजना को लागू करने के लिए कदम उठाए जा चुके हैं, जिसकी शुरुआत 15 जून से केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा से होगी। उन्होंने बुजुर्गों के कल्याण के लिए एक समर्पित विभाग की स्थापना की भी घोषणा की।

इंदिरा गारंटी के तहत जारी पांच कल्याणकारी योजनाओं में छात्राओं के लिए 1,000 रुपये का वजीफा और परिवारों के लिए मुफ्त बीमा योजना शामिल है।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य की सार्वजनिक वित्तीय स्थिति गंभीर दबाव में है और सरकार ने वित्तीय स्थिति पर एक ‘श्वेत पत्र’ तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्णय लिया है ताकि जनता केरल की देनदारियों, लंबित प्रतिबद्धताओं और वित्तीय दायित्वों से अवगत हो सके।

उन्होंने कहा, ‘‘आज राज्य गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। बकाया देनदारियों और वित्तीय बाधाओं ने सार्वजनिक वित्त पर भारी दबाव डाला है। मेरी सरकार ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ इन वास्तविकताओं का सामना करेगी।’’

उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा, ‘‘मेरी सरकार केंद्र सरकार से उचित वित्तीय आवंटन और निष्पक्ष एवं समान व्यवहार सुनिश्चित करने के प्रयासों को और मजबूत करेगी।’’

उन्होंने आश्वस्त किया कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद गरीबों और कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी उपायों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा सहायता और कल्याणकारी कार्यक्रम सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ जारी रहेंगे।’’

आर्लेकर ने राज्य को एक एकीकृत बंदरगाह-आधारित केंद्र में बदलने की सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का भी जिक्र किया जिसके तहत विस्तृत तटरेखा, 44 नदियों, 34 झीलों और चार हवाई अड्डों की क्षमता का उपयोग करते हुए राज्य को दक्षिण एशिया में नागरिक उड्डयन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाया जाएगा। साथ ही, उन्होंने विमानन अवसंरचना के विकास के लिए कई पहलों को विकसित करने की बात कही।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य में मादक पदार्थों और शराब दोनों का बढ़ता दुरुपयोग चिंता का विषय है और सरकार इसके खिलाफ प्रवर्तन, जागरूकता और पुनर्वास की त्रि-स्तरीय रणनीति अपनाएगी, जिसमें आबकारी और गृह विभाग दोनों मिलकर काम करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सरकार मादक पदार्थ माफिया, तस्करों, आपूर्तिकर्ताओं और संगठित आपराधिक नेटवर्क के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाएगी… हमारा लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से शराब की खपत को कम करना है।’’

आर्लेकर ने अपने नीतिगत संबोधन में कहा कि सांस्कृतिक मोर्चे पर सरकार ने केरल के फिल्म उद्योग को एक व्यापक फिल्म नीति के माध्यम से समर्थन देने का निर्णय लिया है, जिसमें निर्माण प्रोत्साहन, अन्य देशों के साथ सह-निर्माण संधियां, फिल्म-पर्यटन विकास और केरल को शूटिंग स्थल के रूप में बढ़ावा देना शामिल है।

भाषा सुरभि पवनेश

पवनेश


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