राज्यपालों में मोदी के प्रति वफादारी साबित करने की होड़ है: खरगे

राज्यपालों में मोदी के प्रति वफादारी साबित करने की होड़ है: खरगे

राज्यपालों में मोदी के प्रति वफादारी साबित करने की होड़ है: खरगे
Modified Date: January 31, 2023 / 09:46 pm IST
Published Date: January 31, 2023 9:46 pm IST

नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को कहा कि विपक्ष बजट सत्र के दौरान अदाणी मुद्दे, सीमा पर चीनी अतिक्रमण और ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति वफादारी दिखाने की होड़ में लगे राज्यपालों’’ की भूमिका के मुद्दों को उठाएगा।

बजट सत्र मंगलवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पहले अभिभाषण के साथ शुरू हुआ।

खरगे ने कहा कि कांग्रेस बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के समेत चिंताजनक मामलों को उठाने के लिए उन अन्य विपक्षी दलों के साथ समन्वय करेगी जो लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और संविधान में विश्वास करते हैं।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ सहयोग नहीं कर रही और उन्होंने गैर-भाजपा शासित राज्यों में राज्यपालों की भूमिका पर सवाल उठाया।

खरगे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हम भी राज्यों में विपक्ष में रहे हैं, लेकिन पहले के राज्यपालों ने कभी राज्यों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया। अब हम देख रहे हैं कि राज्यपालों में इस बात की होड़ है कि मोदी जी के प्रति अधिक वफादार कौन है।’’

तेलंगाना, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और दिल्ली की सरकारों ने अपने-अपने राज्यपालों और उपराज्यपाल के कार्यों पर आपत्ति जताई है। इस पृष्ठभूमि में कई विपक्षी दलों ने राज्यपालों की भूमिका पर संसद में चर्चा की मांग की है।

कांग्रेस प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार आर्थिक सर्वेक्षण एवं बजट भाषण में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में विफल रही है और उन्होंने भारत के 6.5 प्रतिशत वृद्धि दर हासिल करने के दावों को खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार हमेशा बड़े-बड़े दावे करती है। कभी वे 10 फीसदी, आठ फीसदी का दावा करती है। पिछली बार उन्होंने सात प्रतिशत (वृद्धि दर) का दावा किया था। उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण या अपने बजट भाषणों में जो कुछ भी कहा है, वह उसे हासिल करने में विफल रहे हैं। इसलिए यह सब झूठ है।’’

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। इस बारे में खरगे ने कहा, ‘‘इसे कैसे मापा जा सकता है?’’

उन्होंने कहा, ‘‘आपकी जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि तेज होनी चाहिए और समावेशी विकास होना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक आदमी दूसरे से 50 गुना अधिक कमा सकता है तथा गरीब और गरीब होता जा रहा है।’’

कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘‘50 प्रतिशत लोगों की संपत्ति बमुश्किल तीन प्रतिशत है और 10 फीसदी अमीरों को कुल संपत्ति का 72 फीसदी से ज्यादा मिल रहा है। असली मदद तब होगी जब जीडीपी वृद्धि से गरीब तबके को भी मदद मिले। यही हमारी चिंता है।’’

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इसी लिए पंचवर्षीय योजनाओं, अच्छी योजनाओं, निजी क्षेत्र, सार्वजनिक क्षेत्र और सहकारी क्षेत्र को बढ़ाने के बारे में सोचा और उनका मुख्य उद्देश्य जनता के जीवन को बेहतर बनाना था।

विपक्ष द्वारा बजट सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि चिंता के कई विषय हैं, लेकिन समय बहुत कम है क्योंकि सदन की कार्यवाही के मुश्किल से 10 दिन हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘चीन का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि एक तरफ वे दावा कर रहे हैं कि हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं और हमारे सुरक्षा बल मजबूत हैं…।’’

खरगे ने कहा, ‘‘लेकिन जब चीन इतने सारे पुल, कॉलोनियां बना रहा है और लगभग 13 बिंदुओं पर प्रवेश बिंदु बनाए गए हैं, तो आप झूठ क्यों बोल रहे हैं? वे भारत और चीन के बीच 12 प्रवेश बिंदु कैसे बना सकते हैं?’’

उन्होंने कहा कि पार्टी ने पिछले सत्रों में भी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाया था, लेकिन सरकार यह कहकर मामले से ध्यान भटकाती रही है कि इस तरह के मामले उठाना देश के हित के खिलाफ है।

खरगे ने कहा, ‘‘हम जब भी एलएसी पर घुसपैठ की सच्चाई के बारे में पूछते हैं तो सरकार हमें बताती है कि हम राष्ट्रीय हित की बात नहीं कर रहे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान चीन का मुद्दा भी उठाएंगे और देश की जनता को सीमा पर वास्तविक स्थिति के बारे में बताएंगे।’’

खरगे ने कहा कि विपक्ष महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे भी उठाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम विपक्ष से भी सलाह लेंगे और देखेंगे कि इस सत्र में हम क्या बेहतर कर सकते हैं। हम अन्य विपक्षी दलों के साथ तालमेल स्थापित करने की कोशिश करेंगे।’’

राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘हम उन अन्य सभी राजनीतिक दलों का सहयोग लेंगे जो लोकतंत्र एवं संविधान और इस देश को अखंड बनाए रखने में भरोसा करते हैं।’’

‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ द्वारा अदाणी समूह के खिलाफ लगाए गए वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर उन्होंने कहा, ‘‘हम इस प्रमुख मुद्दे को उठाएंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘साठगांठ करने वाले कुछ पूंजीपति मजबूत हो रहे हैं और उनकी संपत्ति 50 गुना बढ़ रही है । विदेशी एजेंसियों ने अपनी जांच के बाद मुद्दे उठाए हैं और भारत ने बहुत पैसा गंवाया है।’’

खरगे ने कहा, ‘‘लगभग 30 करोड़ लोगों ने अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एलआईसी में निवेश किया है और वे अपना पैसा गंवा सकते हैं।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह राष्ट्रीयकृत बैंकों, जीवन बीमा निगम (एलआईसी), भारतीय स्टेट बैंक और अन्य संस्थानों द्वारा करदाताओं की गाढ़ी कमाई का पैसा चुनिंदा पूंजीपतियों को उधार देने के बारे में संसद में चर्चा की मांग करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘अब हम लंबे समय से इन मुद्दों को लेकर चिंतित हैं और यह बात हमें परेशान करती है कि सरकार कुछ नहीं कह रही।’’

भाषा सिम्मी पवनेश

पवनेश


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