Govt Employee Dress Code Rule: अब ऐसे कपड़े पहनकर दफ्तर नहीं जा पाएंगे सरकारी कर्मचारी, लागू हुआ नया ड्रेस कोड, महिलाओं के लिए जारी हुआ निर्देश

Govt Employee Dress Code Rule: अब ऐसे कपड़े पहनकर दफ्तर नहीं जा पाएंगे सरकारी कर्मचारी, लागू हुआ नया ड्रेस कोड, महिलाओं के लिए जारी हुआ निर्देश

Govt Employee Dress Code Rule: अब ऐसे कपड़े पहनकर दफ्तर नहीं जा पाएंगे सरकारी कर्मचारी, लागू हुआ नया ड्रेस कोड, महिलाओं के लिए जारी हुआ निर्देश

Govt Employee Dress Code Rule | Photo Credit: IBC24

Modified Date: March 19, 2026 / 07:18 am IST
Published Date: March 19, 2026 7:18 am IST
HIGHLIGHTS
  • सरकारी कर्मचारियों के लिए औपचारिक ड्रेस कोड लागू
  • सोशल मीडिया पर निजी राय और राजनीतिक टिप्पणियों पर रोक
  • नियमों की अनदेखी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी

शिमला: Govt Employee Dress Code Rule हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और पेशेवर माहौल को मजबूत करने के लिए कर्मचारियों के पहनावे और सोशल मीडिया व्यवहार को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। कार्मिक विभाग के नए आदेशों के बाद अब दफ्तरों में कैजुअल कपड़ों, जींस, टी-शर्ट पर रोक लग गई है। सरकार ने साफ किया है कि कर्मचारी अब केवल औपचारिक और शालीन वेशभूषा में ही कार्यालय आएं। पुरुषों के लिए शर्ट-पैंट या ट्राउजर, जबकि महिलाओं के लिए साड़ी, सूट या अन्य फॉर्मल ड्रेस तय की गई है। जींस, टी-शर्ट और पार्टी वियर को दफ्तर के लिए अनुपयुक्त माना गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम सरकारी कार्यालयों की गरिमा और प्रोफेशनल छवि बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। निर्देशों की अनदेखी करने पर इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर भी कड़ा रुख

Govt Employee Dress Code Rule सरकार ने कर्मचारियों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल में भी सतर्क रहने को कहा है। आदेश के अनुसार, कर्मचारी किसी भी सार्वजनिक मंच पर सरकारी नीतियों पर निजी राय जाहिर नहीं करेंगे। साथ ही, राजनीतिक या धार्मिक टिप्पणियों से दूरी बनाए रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा बिना अनुमति सरकारी दस्तावेज, फाइल या संवेदनशील जानकारी साझा करने पर भी रोक लगा दी गई है। सरकार ने चेतावनी दी है कि ऐसी किसी भी गतिविधि से विभाग या शासन की छवि प्रभावित होने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

सभी विभागों को दिए गए निर्देश

कार्मिक विभाग ने यह आदेश सभी विभागों, बोर्ड और निगमों तक पहुंचाते हुए अधिकारियों को इसके सख्त पालन के निर्देश दिए हैं। सरकार ने बताया कि ये निर्देश केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के तहत जारी किए गए हैं, जो सरकारी कर्मचारियों के आचरण और अभिव्यक्ति को नियंत्रित करते हैं।

इन्हें भी पढ़े:-


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

IBC24 डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं, जहां मेरी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति सहित प्रमुख विषयों की खबरों की कवरेज और प्रस्तुति है। वर्ष 2016 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं और अब तक 8 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल की है। मेरे लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है—सटीक, तेज और असरदार जानकारी पाठकों तक पहुंचाना मेरा लक्ष्य है। बदलते डिजिटल दौर में खुद को लगातार अपडेट कर, कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।