पश्चिम एशिया संकट के बीच उड़ान संचालन पर सरकार की नजर, उठाए अहम कदम : मंत्री

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पश्चिम एशिया संकट के बीच उड़ान संचालन पर सरकार की नजर, उठाए अहम कदम : मंत्री

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 05:28 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 05:28 PM IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उड़ान संचालन पर पड़ने वाले वित्तीय प्रभाव लगातार बदल रहे हैं और इससे निपटने के लिए एयरलाइंस तथा अन्य हितधारकों के साथ परामर्श कर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा को बताया कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका, इजराइल और ईरान से जुड़े संघर्ष का पश्चिम एशिया क्षेत्र में और उसके ऊपर से गुजरने वाली उड़ानों के संचालन पर महत्वपूर्ण असर पड़ा है।

मोहोल ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि पश्चिम एशियाई हवाई गलियारे के बंद होने से उत्पन्न स्थिति और उसके उड़ान संचालन पर प्रभाव की मंत्रालय द्वारा निगरानी की जा रही है।

उन्होंने कहा, “इससे जुड़े वित्तीय प्रभाव लगातार बदल रहे हैं और मंत्रालय एयरलाइंस तथा अन्य हितधारकों के साथ परामर्श कर आवश्यकतानुसार उचित कदम उठा रहा है।”

उन्होंने बताया कि मंत्रालय एयरलाइंस के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है और हवाई किरायों पर नजर रख रहा है, ताकि टिकट दरें उचित बनी रहें और इस दौरान किरायों में अनावश्यक वृद्धि न हो।

मोहोल ने कहा कि विमानन नियामक डीजीसीए ने उच्च जोखिम वाले हवाई क्षेत्र की निगरानी के लिए मजबूत तंत्र स्थापित किया है, जिसमें नियमित परामर्श, ‘‘नोटैम’’ (नोटिस टू एयरमेन) जारी करना और संबंधित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में जोखिम आकलन शामिल है, ताकि परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने बताया कि 17 मार्च 2026 तक भारतीय ऑपरेटरों द्वारा 721 निर्धारित उड़ानें संचालित की गईं, जिनमें 1,19,458 यात्रियों ने यात्रा की। इन उड़ानों के लिए मुंबई और अहमदाबाद प्रमुख लैंडिंग स्थल रहे।

मोहोल ने यह भी कहा कि सऊदी अरब के रियाद स्थित भारतीय मिशन ने बहरीन, इराक, कुवैत, ओमान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात स्थित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय कर 17 मार्च तक 3,500 से अधिक लोगों के सऊदी अरब के रास्ते पारगमन की व्यवस्था की, जिसमें सऊदी अधिकारियों का सहयोग मिला।

उन्होंने कहा कि दोहा (कतर) स्थित मिशन ने यात्रियों के पंजीकरण, सीमित उड़ानों के समन्वय और आवास तथा आपात मामलों में सहायता प्रदान की है, जबकि अबू धाबी स्थित मिशन ने स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित भारतीयों को वीजा ‘ओवरस्टे’ जुर्माने से छूट दिलाने में मदद की है।

भाषा मनीषा अविनाश

अविनाश

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