सरकार ने केवल ‘बड़े लोगों’ को कर में छूट दी, आम लोग अधिक टैक्स दे रहे हैं: कांग्रेस सांसद

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सरकार ने केवल ‘बड़े लोगों’ को कर में छूट दी, आम लोग अधिक टैक्स दे रहे हैं: कांग्रेस सांसद

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 04:10 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 04:10 PM IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) कांग्रेस के एक सांसद ने सोमवार को केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर कॉरपोरेट कर में छूट देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में निजी कंपनियां आम लोगों से कम कर दे रही हैं।

कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने लोकसभा में वित्त विधेयक, 2026 पर चर्चा की शुरूआत करते हुए दावा किया कि इसमें कई सारी रियायतें दी गई हैं, लेकिन वे केवल ‘‘बड़े लोगों’’ को दी गई हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘गिफ्ट सिटी को रियायत दी गई है। इसके दायरे में बड़ी वित्तीय कंपनियां और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां आती हैं लेकिन उन पर कोई शर्त नहीं लगाई गई है।’’

सिंह ने कहा कि स्थानीयकरण (लोकलाइजेशन) की कोई व्यवस्था नहीं की गई है और डेटा सेंटर को छूट दी गई है।

इससे पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त विधेयक, 2026 को सदन में चर्चा एवं पारित कराने के लिए पेश किया।

सिंह ने चर्चा में भाग लेते हुए आरोप लगाया कि पांच राज्यों में अगले महीने होने जा रहे विधानसभा चुनावों के कारण सरकार अभी गैस, पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ा रही है। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही ये चुनाव संपन्न होंगे, सरकार इनके दाम बढ़ा देगी।

कांग्रेस सांसद ने वित्त मंत्री से यह बताने का आग्रह किया कि कॉरपोरेट कंपनियों को जितना कर छोड़ा जा रहा है, उससे देश को क्या फायदा होगा?

उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी कंपनियां भारतीय डेटा का उपयोग करेंगी, लेकिन उनकी कोई जिम्मेदारी तय नहीं की गई है तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले आई एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि देश में 67 प्रतिशत स्नातक बेरोजगार हैं। उन्होंने सवाल किया, ‘‘वे कहां जाएंगे?’’

कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश में सकल पूंजी बढ़ नहीं रही है, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश घट रहा है और अधिक संपत्ति वाले भारतीय विदेशों में पैसा निवेश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘राजग सरकार ने बड़े लोगों को कर में छूट दी है। 2019 से कॉरपोरेट टैक्स छोड़ा है। आज हालत यह है कि देश में आयकर का संग्रह कॉरपोरेट कर से ज्यादा है। जबकि निजी कंपनियां आम लोगों से कम कर दे रही हैं। आम लोगों पर कर का भार ज्यादा है।’’

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के समय कच्चे तेल की आवश्यकता का 77 प्रतिशत आयात होता था, लेकिन अब 88-99 प्रतिशत आयात होता है।

भाषा सुभाष वैभव

वैभव