सरकार नीट प्रश्नपत्र लीक पर चर्चा के लिए ‘सौ प्रतिशत तैयार’’: संसदीय कार्य मंत्री रीजीजू

Ads

सरकार नीट प्रश्नपत्र लीक पर चर्चा के लिए ‘सौ प्रतिशत तैयार’’: संसदीय कार्य मंत्री रीजीजू

  •  
  • Publish Date - July 22, 2026 / 02:45 PM IST,
    Updated On - July 22, 2026 / 02:45 PM IST

( तस्वीरों सहित )

नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) मानसून सत्र शुरू होने के बाद नीट प्रश्न पत्र लीक मामले में छात्रों के आंदोलन को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण संसद में जारी गतिरोध के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि सरकार नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में सदन में चर्चा के लिए ‘‘सौ प्रतिशत’’ तैयार है।

राज्यसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद जब दोपहर दो बजे फिर शुरू हुई तो उपसभापति हरिवंश ने सरकार की ओर से वक्तव्य देने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू का नाम पुकारा।

रीजीजू ने कहा कि विपक्ष ने सदन में एक मांग रखी है तथा वह सरकार की तरफ से उस पर अपनी बात रखना चाहते हैं। रीजीजू ने जैसे ही अपनी बात शुरू की, विपक्षी सदस्यों ने हंगामा और शोरगुल शुरू कर दिया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह जब विपक्ष की मांग पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं तो विपक्षी सांसदों द्वारा हंगामा करने का स्पष्ट मतलब है कि वह चर्चा नहीं चाहते।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘ मैं आपके (आसन के) माध्यम से सरकार का पक्ष रखना चाहता हूं कि मानसून सत्र की शुरुआत से ही सरकार ने कहा है कि जो भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं उन पर और नीट प्रश्न पत्र लीक के विषय पर हम चर्चा के लिए तैयार हैं। हम अब भी तैयार हैं।’’

उन्होंने सदन को जानकारी दी कि सरकार ने कांग्रेस और अन्य पार्टी के नेताओं को भी इस बारे में बताया था।

रीजीजू ने दावा किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहता है और इसीलिए वह बहाने बनाकर सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है, जो ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार युवाओं के भविष्य के लिए, छात्रों के भविष्य के लिए नीट परीक्षा से जुड़े विषय पर चर्चा के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। सरकार ने एक एक करके जो भी कदम उठाये हैं, उन्हें देश के सामने रखना हमारा दायित्व है।’’

रीजीजू ने कहा कि उन्होंने कई दलों के सदस्यों से बात की है और वे सभी चर्चा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले तो चर्चा की मांग करती है और फिर नारेबाजी करके सदन को बाधित करती है, जो ठीक नहीं है।

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की मांग है और सरकार भी राजी है। उन्होंने कहा कि सभापति जिस नियम के तहत एवं जितने समय के लिए चर्चा कराने का निर्देश देते हैं उसके तहत सरकार चर्चा के लिए सौ प्रतिशत तैयार है।

भाषा माधव मनीषा

मनीषा