नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी स्थित एक मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2019 में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 28-वर्षीय एक युवक के परिवार को 34 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी विजय कुमार झा ने मृतक आसिफ के परिजन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
न्यायाधिकरण ने पाया कि आठ नवंबर 2019 को गाजियाबाद के भोपुरा इलाके में सिकंदरपुर मोड़ के पास तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से आसिफ की बाइक को टक्कर मार दी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
न्यायाधिकरण ने 21 जनवरी को पारित आदेश में कहा कि रिकॉर्ड से यह स्थापित होता है कि यह हादसा ट्रक चालक की लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुआ।
न्यायाधिकरण ने कहा कि याचिकाकर्ता मुआवजा पाने के हकदार हैं।
आसिफ को गंभीर चोटें आई थीं और अस्पताल में इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
न्यायाधिकरण ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य और आपराधिक मामले के रिकॉर्ड के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि हादसे के लिए ट्रक चालक दोषी है।
न्यायाधिकरण ने इस दलील को खारिज कर दिया कि आसिफ की बाइक का बीमा नहीं था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए न्यायाधिकरण ने कहा कि आसिफ को कई चोट आई थीं और अत्यधिक रक्तस्राव एवं आघात के कारण उसकी मौत हुई।
न्यायाधिकरण ने विभिन्न मदों के तहत परिवार को कुल 34.9 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया।
चूंकि दुर्घटना के समय ट्रक बीमा था, इसलिए न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी को 30 दिनों के अंदर मुआवजे की राशि जमा करने का निर्देश दिया।
भाषा जोहेब सुरेश
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