India Europe Trade Deal Live: दुनिया की नजर भारत पर… ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ से बढ़ेगी ताकत, भारत-EU ट्रेड डील पर बोले PM मोदी- आज ग्लोबल बिजनेस में उथल-पुथल

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India Europe Trade Deal Live: दुनिया की नजर भारत पर... ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ से बढ़ेगी ताकत, भारत-EU ट्रेड डील पर बोले PM मोदी- आज ग्लोबल बिजनेस में उथल-पुथल

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  • Publish Date - January 27, 2026 / 05:14 PM IST,
    Updated On - January 27, 2026 / 05:18 PM IST

India Europe Trade Deal Live/Image Source: Narendra Modi

HIGHLIGHTS
  • 18 साल बाद इतिहास रचा गया!
  • भारत-EU ट्रेड डील पर PM मोदी का बड़ा ऐलान
  • ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ से बदलेगा गेम

दिल्ली: India Europe Trade Deal Live:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत मंडपम में चल रहे भारत-EU बिजनेस फोरम में दोनों देशों के नेताओं के साथ तस्वीर के लिए साथ आए। भारत और यूरोपीय संघ के बीच 18 साल बाद ऐतिहासिक ट्रेड डील होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और EU नेतृत्व की संयुक्त कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को “मदर ऑफ डील” बताते हुए कहा कि इससे भारत की वैश्विक ताकत और भूमिका और मजबूत होगी।

ट्रेड डील के बाद पीएम और EU की कॉन्फ्रेंस (PM Modi EU Deal)

India Europe Trade Deal Live:  दिल्ली में आयोजित इंडिया-EU बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज ग्लोबल बिजनेस के क्षेत्र में उथल-पुथल का दौर है, लेकिन ऐसे समय में भारत और EU के बीच यह डील बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत-EU के बीच अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस डील से डिफेंस और टेक्नोलॉजी सेक्टर में साझेदारी को नया आयाम मिलेगा, वहीं सर्विस सेक्टर को भी बड़ा फायदा होगा। पीएम मोदी ने बताया कि वर्तमान में भारत की करीब 1500 कंपनियां EU में काम कर रही हैं, और आने वाले समय में बिजनेस कम्युनिटी को और विस्तार दिया जाएगा।

EU के साथ एक ऐतिहासिक समझौता-PM (India Europe Trade Deal)

India Europe Trade Deal Live:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहली बार EU के नेताओं का भारत के गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना, भारत-EU के बीच सबसे बड़े FTA का संपन्न होना और इतने बड़े स्तर पर इंडिया-EU बिजनेस फोरम का आयोजन, विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच अभूतपूर्व संरेखण का प्रतीक है। इंडिया-EU बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे साझा मूल्य हैं। वैश्विक स्थिरता के प्रति हमारी साझा प्राथमिकताएं हैं। ओपन सोसाइटी के रूप में हमारे लोगों के बीच स्वाभाविक जुड़ाव भी है। इसी मज़बूत आधार पर हम अपनी साझेदारी को नई ऊंचाई दे रहे हैं। हम इसे विश्व की सबसे प्रभावशाली साझेदारियों में से स्थापित कर रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में हमारा व्यापार दोगुना होकर 180 बिलियन यूरो तक पहुंच गया है। भारत में 6000 से अधिक यूरोपीय कंपनियां काम कर रही हैं। भारत की 1500 कंपनियां EU में मौजूद हैं।

भारत-EU के बीच हुई 18 साल बाद डील (PM Modi PC Live)

India Europe Trade Deal Live:  भारत-EU FTA पर क्रोन्स मशीनरी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर थॉमस वोल्टर ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि आज इस समझौते की घोषणा हुई और यह दोनों पक्षों को बहुत सारे मौके देता है। न सिर्फ EU, बल्कि भारत को भी, और खासकर जब आप पूरी दुनिया को देखते हैं, तो यह सच में बहुत मायने रखता है और मैं इस समझौते से बहुत खुश हूं। वही इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स (IGCC) के डायरेक्टर जनरल, जान नोएथर ने कहा, “इससे बहुत मदद मिलेगी। हमें सभी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की जननी के बारे में सोचना होगा। इस ट्रेड एग्रीमेंट में 2 अरब लोग शामिल होंगे और यह ग्लोबल GDP के एक चौथाई हिस्से तक फैला होगा।

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"India EU FTA Deal" क्या है और इसे ऐतिहासिक क्यों कहा जा रहा है?

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 18 साल बाद संपन्न हुआ है। इसे ऐतिहासिक इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यह अब तक का सबसे बड़ा भारत-EU व्यापार समझौता है, जो ग्लोबल GDP के लगभग एक-चौथाई हिस्से और करीब 2 अरब लोगों को कवर करता है।

"PM Modi India EU Deal" से भारत को क्या लाभ होगा?

इस डील से भारत को डिफेंस, टेक्नोलॉजी, सर्विस सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग में बड़े अवसर मिलेंगे। साथ ही भारतीय कंपनियों को EU बाजार में आसान पहुंच मिलेगी और भारत की वैश्विक आर्थिक भूमिका और मजबूत होगी।

"India EU Business Forum" का उद्देश्य क्या है?

इंडिया-EU बिजनेस फोरम का उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देना है, ताकि दोनों लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच सहयोग को और गहराई मिल सके।