नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को विपक्षी दलों से सदन की कार्यवाही चलाने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जब छात्रों के आंदोलन पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग पर सरकार ने सहमति दे दी है तो फिर विपक्ष को सदन चलने देना चाहिए।
उन्होंने सदन की कार्यवाही आरंभ होने के बाद यह भी कहा कि जब कार्यवाही बाधित होती है तो उनका मन दुखी होता है।
बिरला ने सदन में कहा कि सदन सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को मिलकर चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की जनता चाहती है कि सदन चले और सभी विषयों पर चर्चा हो।
उन्होंने कहा कि उन्होंने सोमवार को कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में भी सभी दलों से सदन चलाने का आग्रह किया था।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मैंने व्यक्तिगत रूप से कई बार आग्रह किया कि प्रश्नकाल सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसमें सत्ता की जवाबदेही तय होती है और कार्यपालिका में पारदर्शिता आती है।’’
उन्होंने विपक्ष की छात्रों से संबंधित प्रमुख मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बीएसी की बैठक में स्पष्ट किया है कि गृह मंत्री इस विषय पर जवाब देने के लिए तैयार हैं।
बिरला ने कहा, ‘‘आपकी प्रमुख मांग पर सरकार ने सहमति जताई है। अब आप सदन चलने दें।’’
उन्होंने सदन के भीतर तख्तियां लाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि यह संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से सहयोग की अपील करते हुए कहा, ‘‘आप लोग सहयोग करें। सदन नहीं चलने से मन व्यथित होता है।’’
भाषा हक हक मनीषा
मनीषा