नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को नरेन्द्र मोदी सरकार पर युवाओं का भविष्य बर्बाद करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस को भविष्य की तैयारी के लिहाज से युवाओं के लिए स्पष्ट, व्यापक और समयबद्ध ‘‘एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट रोडमैप’’ तैयार करना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में दिए अपने अध्यक्षीय भाषण में राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मामले में मौन हैं।
खरगे ने कहा कि केवल कुछ लोगों को जेल भेज देने से मामला समाप्त नहीं होगा और प्रधानमंत्री को इस विषय पर जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और युवा देश का भविष्य हैं, लेकिन सरकार की ‘‘गलत नीतियों’’ ने उन्हें ‘‘हताशा के दलदल’’ में धकेल दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सांप्रदायिक उन्माद और ‘‘रेवड़ी कल्चर’’ की होड़ में युवाओं की शिक्षा और रोजगार की सबसे अधिक उपेक्षा हुई है।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया है।’’
खरगे ने आरोप लगाया कि शिक्षा संस्थानों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों के कब्जा हो गया है।
उन्होंने कहा कि पढ़-लिखकर नौकरी की तलाश में निकलने वाले युवाओं को पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित घोटालों और नियुक्तियों में देरी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक असर गरीब और कमजोर तबकों के छात्रों पर पड़ता है।
खरगे ने कहा, ‘‘युवाओं में उभरा रोष ‘‘कोई एक दिन का’’ नहीं है और सरकार के पास उनकी बातें सुनने की फुर्सत कभी नहीं रही। सरकार समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय हर बार अस्थायी उपाय तलाशती रही, जिसके कारण युवाओं को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।’’
उनका कहना था कि कांग्रेस ने युवाओं की समस्याओं को अपने एजेंडे में शामिल किया है और राहुल गांधी ने ‘‘छात्रों की गूंज’’ कार्यक्रम के माध्यम से उनकी आवाज को राष्ट्रीय पटल पर रखा है।
खरगे ने हालिया मानसून सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद में कांग्रेस ने शिक्षा और परीक्षाओं के मुद्दे पर व्यापक चर्चा तथा छात्रों के साथ हुई कथित ज्यादती पर बहस और जवाबदेही तय करने का प्रयास किया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पूरे मानसून सत्र में सवालों से बचते रहे।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस को भविष्य की तैयारी के लिहाज से युवाओं के लिए स्पष्ट, व्यापक और समयबद्ध ‘‘एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट रोडमैप’’ (शिक्षा से रोजगार तक की रूपरेखा) तैयार करना चाहिए।
चीन के साथ सीमा विवाद का उल्लेख करते हुए खरगे ने दावा किया कि सीमा पर कथित अतिक्रमण से जुड़े गंभीर तथ्य सामने आए हैं और सरकार को इस पर ईमानदारी से अपनी बात रखनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ‘‘सूत्रों के पीछे छिपते हुए’’ इन खबरों को गलत बताया है।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा की किसी भी स्तर पर अनदेखी भी नहीं होनी चाहिए।’’
खरगे का कहना था कि देश की सीमाओं की वास्तविक स्थिति जानना नागरिकों का अधिकार है।
उन्होंने 2020 के गलवान संघर्ष के बाद प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि ‘‘न कोई घुस आया है और न कोई घुसा हुआ है।’’
उन्होंने कहा कि छह वर्ष बाद भी सीमा से जुड़े गंभीर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सरकार स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है।
खरगे ने कहा कि सेना अपना काम बखूबी कर रही है और कांग्रेस जवानों के जज्बे और जोश को सलाम करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ युवाओं का भविष्य, जनता की आस्था और देश की सीमाएं, इन तीनों के केंद्र में एक ही सवाल है कि क्या यह सरकार जनता के भरोसे के लायक है।’’
खरगे का कहना था कि पार्टी के सामने तत्काल पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की चुनौती है और उनकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भी याद किया और कहा कि उन्होंने अपनी नीतियों के केंद्र में युवाओं को रखा था।
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष की, देश के हर जिले में जवाहर नवोदय विद्यालयों का नेटवर्क खड़ा किया और स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हुई।
खरगे ने कहा कि बाद की कांग्रेस सरकारों ने इन पहलों को आगे बढ़ाया और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान शिक्षा के अधिकार से लेकर संस्थाओं के निर्माण और विकास को गति मिली।
भाषा हक हक पवनेश
पवनेश