परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में सफल अभ्यर्थी झारखंड सचिवालय परिसर में दाखिल हुए

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परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में सफल अभ्यर्थी झारखंड सचिवालय परिसर में दाखिल हुए

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  • Publish Date - August 19, 2026 / 04:43 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 04:43 PM IST

रांची, 19 अगस्त (भाषा) झारखंड सचिवालय में बुधवार को तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जब भर्ती परीक्षाएं रद्द किए जाने के बाद नौकरी से वंचित हुए बड़ी संख्या में सफल अभ्यर्थी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए जबरन सचिवालय परिसर में दाखिल हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अभ्यर्थी सरकार के उस फैसले का विरोध कर रहे हैं, जिसके तहत झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) और एक बाहरी एजेंसी द्वारा आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा, 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए गए हैं।

प्रदर्शनकारी परीक्षाओं को रद्द करने के आदेश वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

एक प्रदर्शनकारी चंदन कुमार ने कहा ‘‘हम सोमवार से राज्य सचिवालय के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने हमारी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। परीक्षाएं रद्द करने की सरकार की अधिसूचना के बाद हमारे पास हमारी मांगों को लेकर सचिवालय परिसर में प्रवेश करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था।’’

चंदन कुमार एक सरकारी विभाग में सहायक चयन अधिकारी (एएसओ) के पद पर नियुक्त हुए थे।

एक अन्य प्रदर्शनकारी श्याम सुंदर मंडल ने कहा कि जब तक सरकार झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा रद्द करने का आदेश वापस नहीं लेती, तब तक प्रदर्शनकारी परिसर से बाहर नहीं जाएंगे। मंडल भी एएसओ नियुक्त हुए थे।

उन्होंने कहा, “हमने अपनी योग्यता के आधार पर परीक्षा पास की है। किसी भी तरह की अनियमितता में हमारी कोई भूमिका नहीं है। सरकार को हमें सजा देने का कोई अधिकार नहीं है।” मंडल को सहायक अनुभाग अधिकारी (एएसओ) के पद पर नियुक्त किया गया था।

हटिया के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) नीरज कुमार ने प्रदर्शनकारियों से सचिवालय परिसर खाली करने और अपने आंदोलन के लिए परिसर के बाहर किसी स्थान का चयन करने की अपील की।

कुमार ने कहा, “प्रदर्शनकारियों को समझना होगा कि इलाके में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है और आदेश का उल्लंघन करने पर उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।”

स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा, “सरकार सफल अभ्यर्थियों की चिंताओं को लेकर गंभीर है और वह बहुत जल्द इसका समाधान लेकर आएगी।”

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 26 दिनों से चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली सरकार ने 22 परीक्षाएं रद्द कर दीं और 2014 से राज्य लोक सेवा आयोग तथा एक बाहरी एजेंसी द्वारा आयोजित 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए।

सरकार के इस फैसले से उन अभ्यर्थियों में चिंता और घबराहट फैल गई, जिन्होंने इन परीक्षाओं में सफल होकर विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति पा ली थी।

रद्द की गई परीक्षाओं में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तरीय (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा भी शामिल है। इसके विरोध में सफल अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं।

सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद घोषित इस फैसले के तहत मंगलवार देर रात जारी की गई आठ अधिसूचनाओं के माध्यम से कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक, तकनीकी और न्यायिक पदों की भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया।

भाषा तान्या मनीषा

मनीषा