IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026 : सरकारी स्कूल की बेटी ने दिखाया दम! 97% लाकर प्रदेश में 7वां स्थान, IBC24 की स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप के लिए जताया आभार

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गरियाबंद के छुरा की सरकारी स्कूल की छात्रा महक सचदेव ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ में सातवां स्थान प्राप्त किया और जिले की बालिकाओं में टॉप किया। महक ने नियमित शेड्यूल बनाकर रोजाना करीब 6 घंटे पढ़ाई की और रिवीजन को सफलता का अहम मंत्र बताया। पढ़ाई में टेक्नोलॉजी और ChatGPT की भी मदद लेने वाली महक अब CA बनने के लिए रायपुर में तैयारी कर रही हैं। IBC24 की स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप के तहत मिलने वाली ₹50 हजार की राशि का उपयोग वह अपनी आगे की पढ़ाई में करेंगी।

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  • Publish Date - August 19, 2026 / 04:49 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 04:50 PM IST
HIGHLIGHTS
  • 97% अंक के साथ महक ने पूरे छत्तीसगढ़ में सातवां स्थान हासिल किया
  • सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए रोज 6 घंटे पढ़ाई और नियमित रिवीजन से हासिल की सफलता
  • CA बनने का सपना, IBC24 की ₹50 हजार स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप से आगे की पढ़ाई करेंगी

गरियाबंद : IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026 : कहते हैं, अगर थोड़ा साथ और प्रोत्साहन मिले तो छत्तीसगढ़ की बेटियां भी कमाल कर सकती हैं। इस बात को चरितार्थ कर दिखाया है गरियाबंद जिले के छुरा के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली महक सचदेव ने, जिसने 12वीं में 97 प्रतिशत के साथ जहां प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया, तो वहीं जिले की बालिकाओं में टॉप पर रही।महक इस सफलता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार को श्रेय दे रही हैं। उनका साफ कहना है कि पिछले कुछ सालों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। शिक्षक अब बच्चों को पढ़ने में पहले से अधिक ध्यान देते हैं। वर्तमान सरकार शिक्षा पर खास ध्यान दे रही है, जिसके चलते मुझे प्रोत्साहन मिला और मैंने कर दिखाया। एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का सपना संजोए महक अब रायपुर के कोचिंग सेंटर में सीए के एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रही हैं। जब उन्हें यह बताया गया कि छत्तीसगढ़ के सबसे प्रमुख न्यूज चैनल IBC24की ओर से उन्हें स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी, तो महक और उनके परिवार की खुशियों का ठिकाना नहीं था। उन्होंने साफ कहा कि बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए कोई न्यूज चैनल इतनी सकारात्मक पहल कर रहा है, यह पहली बार देखने को मिला।

गौरव गरियाबंद’ अभियान के तहत कर रही थी पढाई

छुरा के किराना व्यवसायी विजय सचदेव की बेटी महक बचपन से ही होनहार बालिका रही है। पढ़ाई के अलावा संगीत और घूमने की शौकीन यह बालिका आत्मानंद स्कूल की छात्रा रही है और दसवीं के बाद बीते 2 साल से गरियाबंद में चलाया जा रहा है ‘गौरव गरियाबंद’ अभियान के तहत बताए गए तरीके से पढ़ाई कर रही थी, जिसमें कोर्स दिसंबर और जनवरी तक पूरा करते हुए फिर बार-बार रिवीजन करवाया गया। इससे सारा कॉन्सेप्ट क्लियर हो गया। महक बताती है कि होनहार बच्चों को ‘कॉफी विद कलेक्टर’ कार्यक्रम में गरियाबंद बुलाया गया, जहां बताई गई बातें सुनकर उसे काफी मोटिवेशन मिला।

शेड्यूल बनाकर 6 घंटे करती थी पढाई

महक का कहना है कि पढ़ाई जिंदगी बना भी सकती है और पढ़ाई में लापरवाही जिंदगी बिगाड़ भी सकती है। इसीलिए प्रयास करना चाहिए कि इसमें पूरा जोर लगाएं और अपना 100% देकर भविष्य संवारने का प्रयास करें। महक ने बताया कि उसने सत्र के प्रारंभ से ही शेड्यूल बनाकर पढ़ाई की और रोजाना 6 घंटे पढ़ाई कर यह सफलता हासिल की। स्कूल से लौटने के बाद हर दिन पढ़ाए गए सभी चीजों का शाम को रिवीजन जरूर करना चाहिए, जिससे वह लंबे समय तक याद रह पाता है।

ChatGPT से भी पढ़ाई में मदद ली

महक ने साफ कहा कि मोबाइल और टेक्नोलॉजी पढ़ाई में और मददगार बन रहे हैं। उसने भी कॉमर्स के कई जानकारों के वीडियो देखे और ChatGPT से भी पढ़ाई में मदद ली। एग्जाम के दो माह पहले से ही पुराने प्रश्नों का हल और रिवीजन करते हुए स्वयं पर पूरा आत्मविश्वास रखते हुए पढ़ाई को पर्याप्त समय दिया।

छत्तीसगढ़ सरकार ने बालिका सुरक्षा पर खासा ध्यान दिया

महक का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बालिका सुरक्षा पर खासा ध्यान दिया है। यही कारण है कि पहले परिवार रायपुर में पढ़ने अकेले भेजने से घबराता था, मगर अब निश्चिंत होकर मुझे रायपुर पढ़ने भेज दिया है। अब परिवार को सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं रहती। यह बेटियों का भविष्य बनाने में काफी मददगार साबित हो रहा है और अब बेटियां खुलकर जी रही हैं।

स्कॉलरशिप को लेकर क्या बोली महक ?

IBC24 की ओर से दिए जा रहे स्कॉलरशिप को लेकर महक का कहना है कि कोई न्यूज चैनल अपने सामाजिक सरोकारों को निभाते हुए बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कॉलरशिप भी देता है, यह उसने और उसके परिवार ने सोचा भी नहीं था। जानकर काफी खुशी हुई। अब वह राशि रायपुर में रहकर पढ़ाई में काम आएगी। वैसे छत्तीसगढ़ सरकार का श्रम विभाग इस बालिका को स्कूटी हेतु 1 लाख और आगे पढ़ाई में मदद के लिए 1 लाख देने की तैयारी कर रहा है।

IBC24 का जताया आभार

महक की मां प्रिया सचदेव बताती हैं कि सरकारी स्कूल में पढ़ने के बावजूद कई प्राइवेट स्कूल के बच्चों को पीछे कर महक ने जिले में पहला स्थान इसलिए हासिल किया, क्योंकि अब सरकार शिक्षा पर पूरा ध्यान दे रही है। वहीं, सरकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों तक पहुंच रहा है। उन्हें जहां महतारी वंदन का लाभ मिलता है, तो वहीं सरकारी राशन भी समय पर उपलब्ध हो जाता है। इतना ही नहीं, परिवार में किसी के बीमार पड़ने पर अचानक बड़ा खर्चा आने का डर भी नहीं रहा, क्योंकि स्मार्ट कार्ड से निजी अस्पतालों में भी निशुल्क इलाज का लाभ उनके परिवार को मिला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अभी काफी अच्छा काम कर रही है। IBC24 द्वारा महक को स्कॉलरशिप दिए जाने पर उन्होंने चैनल का आभार जताया।

2 साल से सरकारी स्कूल के स्तर में काफी सुधर

वहीं, महक के भाई यश सचदेव एवं उनके बड़े पिता संतोष सचदेव बताते हैं कि उनकी बहन ने सरकारी स्कूल में पढ़कर भी जिले में टॉप किया है, क्योंकि बीते 2 साल से सरकारी स्कूल में पढ़ाई का स्तर काफी सुधार हुआ है। सरकार शिक्षा पर काफी ध्यान दे रही है। सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ भी हमें लगातार मिल रहा है।

समर्थन मूल्य बढ़ने से मिला फायदा

धान का समर्थन मूल्य बढ़कर 3100 होने से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरी। उन्हें राशन का लाभ भी मिल रहा है, तो वहीं लंबे समय तक बिजली बिल हाफ योजना का लाभ भी मिला। सरकार की योजनाओं का लाभ मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी हुई, जिसके चलते बेटियों की पढ़ाई पर खर्च कर पा रहे हैं।

 

रायपुर में बेटियां सुरक्षित महसूस करती हैं।

अब महक को रायपुर पढ़ाई के लिए अकेले भेजने में भी उन्हें पहले जैसा डर महसूस नहीं होता, क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार ने बालिका सुरक्षा पर काफी ध्यान दिया है और बेटियां अब वहां सुरक्षित महसूस करती हैं। उन्होंने बताया कि IBC24 द्वारा दी जा रही 50,000 रुपये की स्कॉलरशिप की पूरी राशि महक की पढ़ाई पर खर्च होगी। वहीं, उन्होंने इसके लिए IBC24 चैनल का आभार भी व्यक्त किया।

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महक सचदेव ने 12वीं में कितने प्रतिशत अंक हासिल किए?

महक ने 97 प्रतिशत अंक हासिल कर छत्तीसगढ़ में सातवां स्थान प्राप्त किया।

महक ने पढ़ाई के लिए कितने घंटे का शेड्यूल बनाया था?

महक रोजाना करीब 6 घंटे पढ़ाई करती थीं और स्कूल में पढ़ाए गए विषयों का नियमित रिवीजन करती थीं।

महक को IBC24 की स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप में कितनी राशि मिलेगी?

महक को ₹50 हजार की स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप मिलेगी, जिसका उपयोग वह अपनी आगे की पढ़ाई में करेंगी।