नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) विदेश मामलों संबंधी संसद की समिति ने सरकार से एक ऐसे रणनीतिक दस्तावेज की तैयारी को प्राथमिकता देने की सिफारिश की है जो भारत की विदेश नीति के उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करता हो।
विदेश मामलों संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट मंगलवार को संसद में पेश की गई।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि समिति की ओर से प्रतिक्रिया देने की कवायद पूरी होने के बावजूद ‘ओवरसीज मोबिलिटी (सुविधा और कल्याण) विधेयक, 2025’ को पेश नहीं किया गया।
समिति ने अनुशंसा की है कि केंद्र नए विधेयक को पेश करने को ‘विधायी प्राथमिकता’ के रूप में अपनाए और इसे जल्द से जल्द संसद में पेश करे।
विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष कांग्रेस सांसद शशि थरूर हैं।
विदेश मंत्रालय की ‘‘अनुदान मांगों (2026-27) पर विदेश मामलों की समिति (2025-26) की बारहवीं रिपोर्ट’’ में बजटीय आवंटन से लेकर पासपोर्ट सुविधाओं तक 62 सिफारिशें शामिल हैं।
प्रमुख सिफ़ारिशों में से एक यह है कि विदेश मंत्रालय को ‘‘एक औपचारिक विदेश नीति दस्तावेज़’’ या एक व्यापक रणनीति तय करनी चाहिए।
समिति ने यह भी कहा है कि विदेश मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि इस तरह के दस्तावेज़ को तैयार करने में ‘कोई बाधा नहीं’ है।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘इस संदर्भ में समिति यह समझना चाहेगी कि ऐसा दस्तावेज़ अब तक तैयार क्यों नहीं किया गया है, विशेष रूप से तब, जब भारत का वैश्विक कद बढ़ रहा है और द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों पर इसकी सक्रिय भागीदारी है।’’
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