सरकार कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के दायरे में आने वाले क्षेत्रों का भौतिक सत्यापन करेगी: मुख्यमंत्री

सरकार कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के दायरे में आने वाले क्षेत्रों का भौतिक सत्यापन करेगी: मुख्यमंत्री

सरकार कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के दायरे में आने वाले क्षेत्रों का भौतिक सत्यापन करेगी: मुख्यमंत्री
Modified Date: September 22, 2026 / 07:38 pm IST
Published Date: September 22, 2026 7:38 pm IST

बेंगलुरु, 22 सितंबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के दायरे में आने वाले क्षेत्रों का गांव और सर्वेक्षण-संख्या स्तरीय भौतिक सत्यापन करेगी।

शिवकुमार ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों और स्थानीय निवासियों को विस्थापन तथा उत्पीड़न से बचाने के साथ-साथ जंगलों और पर्यावरण की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है।

कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर आधारित सातवां मसौदा केंद्र सरकार द्वारा 27 जुलाई, 2026 को जारी किया गया था, जिसमें आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 60 दिन का समय दिया गया था। कर्नाटक ने केंद्र की मसौदा अधिसूचनाओं को बार-बार खारिज किया है।

नवीनतम मसौदे में छह राज्यों में 56,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव है।

इसके दायरे में कर्नाटक के बेलगावी, चामराजनगर, चिकमगलूर, कोडागु, हासन, उत्तर कन्नड़, दक्षिण कन्नड़, मैसूर, शिवमोग्गा और उडुपी जिलों के 33 तालुक और 1,449 गांव शामिल हैं, जो कुल 20,668 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हैं।

शिवकुमार ने कहा कि राज्य 2014 से लेकर 2021, 2022 और 2024 में केंद्र द्वारा जारी क्रमिक मसौदा अधिसूचनाओं पर अपनी आपत्तियां और सुझाव भेजता रहा है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के किसानों, बागवानों, आदिवासियों, स्थानीय परिवारों, जन प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी बाते सुनी हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित प्रतिबंधों के खिलाफ आयोजित भारी सभाओं और पदयात्रियों का भी हवाला दिया।

उन्होंने कहा, ‘गांव और सर्वेक्षण-संख्या स्तर पर स्थानीय निरीक्षण किया जाना चाहिए। आज मुझे यह स्पष्ट हो गया कि हर कोई इस पक्ष में है कि ऐसे निरीक्षण के बिना मौजूदा रूप में अधिसूचना को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।’

भाषा प्रचेता नरेश

नरेश


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