सड़क दुर्घटना में घायल 21 वर्षीय युवक को 1.62 करोड़ रुपये मुआवजा दिए जाने का निर्देश
सड़क दुर्घटना में घायल 21 वर्षीय युवक को 1.62 करोड़ रुपये मुआवजा दिए जाने का निर्देश
नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने जुलाई 2024 में सड़क दुर्घटना के कारण 53 प्रतिशत तक दिव्यांग हुए 21 वर्षीय युवक को 1.62 करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया।
पीठासीन अधिकारी विक्रम ने आर्यन राणा नामक युवक की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया।
राणा एक जुलाई 2024 को घर जा रहा था, तभी तेज रफ्तार बस ने उसकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी जिससे युवक को गंभीर चोट आईं और उसे अस्पताल ले जाया गया।
प्रतिवादियों ने मामले में झूठे आरोप लगाए जाने का दावा किया लेकिन इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई।
इसके अलावा, बस के परिचालक ने गवाह के रूप में बयान दिया कि दुर्घटना के समय याचिकाकर्ता की स्कूटी उस बस से आगे थी और जब बस ने स्कूटी को ओवरटेक किया, तो स्कूटी से टक्कर हो गई।
न्यायाधिकरण ने छह जनवरी को सुनाए गए फैसले में कहा, “आरोपी वाहन चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार न केवल इस दुर्घटना का कारण बनी, बल्कि इसके बाद हुई सभी घटनाओं के लिए भी जिम्मेदार रही।”
न्यायाधिकरण ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को चिकित्सा प्रमाणपत्र में 53 प्रतिशत अस्थायी दिव्यांग बताया गया है। वह दुर्घटना के समय 21 वर्ष का था और विश्वविद्यालय का प्रथम वर्ष का छात्र था।
न्यायाधिकरण ने कहा कि दुर्घटना के कारण वह अपनी शिक्षा जारी नहीं रख सका।
न्यायाधिकरण ने कहा, “जिस प्रकार की शारीरिक अक्षमता याचिकाकर्ता ने झेली है, वह यह दिखाती है कि याचिकाकर्ता भविष्य में आर्थिक कामकाज नहीं कर पाएगा। उसकी स्थिति में थोड़ा सुधार हो सकता है लेकिन वह कभी इतनी ठीक नहीं हो पाएगी कि वह काम करने योग्य हो सके। इसलिए यह उचित होगा कि याचिकाकर्ता की कार्यात्मक दिव्यांगता 90 प्रतिशत मानी जाए।”
न्यायाधिकरण ने उसे विभिन्न मदों के तहत 1.62 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया, जिसमें भविष्य की आय की हानि के लिए 59.36 लाख रुपये शामिल हैं।
दुर्घटना के समय वाहन का बीमा था, जिसे देखते हुए न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी ‘द न्यू इंडिया कंपनी लिमिटेड’ को पूरी मुआवजा राशि जमा करने का निर्देश दिया।
भाषा जोहेब सिम्मी
सिम्मी

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