चेन्नई, दो सितंबर (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय ने बुधवार को केंद्र और तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया कि वे नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद लापता हुए तमिलनाडु एवं पुडुचेरी के तीर्थयात्रियों का पता लगाने तथा उन्हें बचाने के लिए उठाए गए कदमों और इस संबंध में की जा रही कोशिशों पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करें।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस ए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन की पीठ ने वकील ए एफ परवेश मुशर्रफ की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। यह याचिका मदुरै पीठ से यहाँ स्थानांतरित की गई थी।
मामला जब सुनवाई के लिए आया, तो महाधिवक्ता विजय नारायण ने बताया कि कैलाश यात्रा पर गए 305 लोगों में से 220 लोगों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया और उनके गृह-स्थानों पर भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि शेष 85 लोगों का पता लगाने और उन्हें बचाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. शिवज्ञानम समेत इन 85 लोगों के रिश्तेदारों को सरकारी खर्च पर काठमांडू ले जाया गया।
इसके बाद, पीठ ने केंद्र और तमिलनाडु सरकारों को विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
पीठ मामले में अगली सुनवाई अगले हफ़्ते करेगी।
याचिका में, परवेश मुशर्रफ ने केंद्र और तमिलनाडु सरकारों को यह निर्देश दिए जाने का आग्रह किया कि वे लापता सभी तीर्थयात्रियों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए आवश्यक और त्वरित कदम उठाएं।
भाषा नेत्रपाल नरेश
नरेश