चुनावी मानचित्र बदलने के प्रयास में सरकार, यह राष्ट्र विरोधी कृत्य: राहुल गांधी

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चुनावी मानचित्र बदलने के प्रयास में सरकार, यह राष्ट्र विरोधी कृत्य: राहुल गांधी

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  • Publish Date - April 17, 2026 / 07:17 PM IST,
    Updated On - April 17, 2026 / 07:17 PM IST

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन से संबंधित विधेयकों का महिला आरक्षण से कोई संबंध नहीं है, बल्कि यह देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है जो ‘‘राष्ट्र विरोधी कृत्य’’ है।

उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए यह आरोप भी लगाया कि सरकार जाति जनगणना को दबाने और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से उनका अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है।

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘पूरा विपक्ष मिलकर सरकार के इस प्रयास को विफल करने जा रहा है।’’

नेता प्रतिपक्ष ने अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए एक शब्द का कई बार इस्तेमाल किया, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आपत्ति जताई।

बिरला ने इस शब्द को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के संदर्भ में नेता प्रतिपक्ष द्वारा जिस प्रकार के शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और उसकी जितनी निंदा की जाए, कम है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस देश की जनता का अपमान कर रहे हैं और उन्हें क्षमा मांगनी चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष ने महिला आरक्षण से संबंधित विधेयकों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘कुछ सच्चाई इस सदन में बताने की जरूरत है। यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तीकरण से कोई लेनादेना नहीं है। 2023 में जो (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पारित हुआ था वह महिला आरक्षण विधेयक था।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘यह भारत की महिलाओं के पीछे छिपकर देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है…यह शर्मनाक कृत्य है क्योंकि यह सब भारत की महिलाओं के नाम पर किया जा रहा है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि जाति जनगणना को दरकिनार करने का प्रयास किया जा रहा है।

राहुल ने दावा किया कि ओबीसी से उनका अधिकार छीनने का प्रयास किया जा रहा है, यही सरकार का एजेंडा है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों, छोटे प्रदेशों और पूर्वोत्तर की राजनीतिक ताकत छीनी जा रही है।

राहुल ने कहा, ‘‘भाजपा बेवकूफ नहीं है, उन्हें पता था कि यह विधेयक पारित नहीं हो सकता। लेकिन वे फिर भी इसे लेकर आए। यह एक घबराहट भरी प्रतिक्रिया थी…वे भारत के चुनावी मानचित्र को बदलना चाहते हैं और प्रधानमंत्री को यह संदेश दोबारा भेजने की जरूरत पड़ी कि वह महिला समर्थक हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह ऐसा क्यों कर रहे हैं, मैं इसे आपकी कल्पना पर छोड़ता हूं। लेकिन जो शक्तियां हैं वे ठीक-ठीक जानती हैं कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं देश भर में अपने दोस्तों, भाइयों और बहनों, दक्षिण के राज्यों, छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर के राज्यों को आश्चस्त करना चाहता हूं कि वे चिंता न करें। हम उन्हें (भाजपा को) भारत संघ पर हमला नहीं करने देंगे। आप भारत संघ में बराबर के भागीदार हैं। वे भारत संघ में आपके प्रतिनिधित्व को छूने का साहस नहीं कर पाएंगे।’’

राहुल ने आरोप लगाया कि भाजपा दलित और पिछड़े समुदायों को हिंदू कहती है लेकिन सत्ता की व्यवस्था में उन्हें उचित स्थान नहीं देना चाहती।

उन्होंने सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए यह भी कहा, ‘‘भाजपा और उसके नेतृत्व के मन में एक बुनियादी भ्रम है। वे मानते हैं कि वे ही भारत की जनता हैं। आप भारत की जनता नहीं हैं। वे यह भी मानते हैं कि वे सशस्त्र बल हैं। आप (भाजपा) सशस्त्र बल नहीं हैं।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम भारत के लोगों या सशस्त्र बलों पर हमला नहीं कर रहे हैं, हम आप (भाजपा) पर हमला कर रहे हैं, आप भारत के लोगों या सशस्त्र बलों के पीछे मत छिपो।’’

उन्होंने अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ अतीत के अपने एक संवाद का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘उन्होंने मुझसे कहा था कि तुम्हें अंधेरे से डरना नहीं चाहिए, क्योंकि सच्चाई अक्सर अंधेरे में ही छिपी होती है…अगर अंधेरे का सामना करने की हिम्मत नहीं है, तो आप कभी भी सच्चाई को समझ नहीं पाएंगे या उसके लिए लड़ नहीं पाएंगे।’’

नेता प्रतिपक्ष ने अपने भाषण के दौरान ‘16’ की संख्या का उल्लेख करते हुए एक पहेली भी सामने रखी।

उन्होंने कहा, ‘‘कल प्रधानमंत्री बुझे-बुझे बोल रहे थे, मैं सुन रहा था। ​अचानक मैंने ध्यान दिया कि आज 16 अप्रैल है। मैंने कहा कि हे भगवान, यह तो संख्या 16 है। इस 16 नंबर में सब कुछ है। आपकी समस्याओं का जवाब नंबर 16 है। जल्दी ही इससे आपका सामना होगा।’’

उन्होंने कहा कि वह इस पहेली का जवाब नहीं देंगे, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से इसका जवाब दे सकते हैं।

कांग्रेस के कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर ‘16’ ‘सिक्स्टीन’ को ‘एप्सटीन’ फाइल से जोड़कर उल्लेख किया है।

भाषा

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