एसटीपी शोधित पानी ले जाने वाले टैंकरों के लिए भी जीपीएस अनिवार्य : एनजीटी

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एसटीपी शोधित पानी ले जाने वाले टैंकरों के लिए भी जीपीएस अनिवार्य : एनजीटी

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  • Publish Date - April 8, 2026 / 06:34 PM IST,
    Updated On - April 8, 2026 / 06:34 PM IST

नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कहा है कि जीपीएस निगरानी प्रणाली लगाने का उसका आदेश उन टैंकरों पर भी लागू है जो व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए भूजल की आपूर्ति करते हैं, साथ ही उन टैंकरों पर भी जो एसटीपी (मलजल शोधन संयंत्र) से शोधित पानी का परिवहन करते हैं।

शोधित जल, मलजल शोधन संयंत्र (एसटीपी) का एक उपउत्पाद होता है और इसका उपयोग गैर-पेय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इसमें निर्माण, बागवानी, सड़क पर छिड़काव और इसी तरह की गतिविधियां शामिल हैं, ताकि भूजल पर निर्भरता कम हो।

पिछले साल 28 मई को, अधिकरण ने दिल्ली में केवल जीपीएस लगे टैंकरों के इस्तेमाल को अनिवार्य कर दिया था। इसके बाद कुछ निजी ट्रांसपोर्टर ने याचिका दायर करके स्पष्टीकरण मांगा कि क्या उसका आदेश केवल भूजल निकालने, परिवहन और बिक्री पर लागू होता है, शोधित मलजल ले जाने वाले टैंकरों पर नहीं।

छह अप्रैल को जारी एक आदेश में, न्यायिक सदस्य अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य अफ़रोज़ अहमद की पीठ ने कहा, ‘हम स्पष्ट करते हैं कि इस अधिकरण द्वारा 28 मई, 2025 को पारित आदेश एसटीपी से शोधित जल ले जाने वाले टैंकरों पर भी लागू होता है।’

पीठ ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और टैंकरों के मालिकों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

पीठ ने निगरानी तंत्र में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए अतिरिक्त निर्देश भी जारी किए।

अधिकरण ने कहा, “डीजेबी को एसटीपी से शोधित पानी से टैंकर भरते समय एक गेट पास और ट्रांजिट पास की दो प्रतियां जारी करनी होंगी, जिनमें से एक प्रति टैंकर चालक को देनी होगी और दूसरी प्रति अपने रिकॉर्ड में रखनी होगी।”

पीठ ने कहा कि बोर्ड को एसटीपी से शोधित पानी से भरे सभी टैंकरों का क्रमवार रिकॉर्ड रखना होगा, जिसमें मालिक का नाम, चालक का नाम, टैंकरों की संख्या और एसटीपी से शोधित पानी की मात्रा शामिल हो।

पीठ ने कहा, “ऐसा नहीं करने पर, डीजेबी के सीईओ, संबंधित अधिकारी और संबंधित पदाधिकारी पर इस अधिकरण के आदेशों का अनुपालन नहीं करने के लिए मामला चलाया जाएगा।”

पीठ ने यह भी कहा कि आपराधिक अभियोजन भी ऐसी कार्यवाही का हिस्सा होगा।

पीठ ने कहा कि अधिकरण ने आदेश दिया कि चालक को हर समय डीजेबी द्वारा जारी किए गए गेट पास और ट्रांजिट पास सहित दस्तावेजों की प्रतियां अपने पास रखनी होंगी और वह नहीं दिखाने पर आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकरण ने निर्देश दिया कि अनुपालन हेतु आदेश की एक प्रति दिल्ली के मुख्य सचिव, डीजेबी के सीईओ और शहर पुलिस आयुक्त को भेजी जाए।

भाषा अमित वैभव

वैभव