उत्पादन इकाई बंद करने के आदेश के खिलाफ पिरामल फार्मा की अर्जी पर सुनवाई करे जीएसपीसीबी: न्यायालय

उत्पादन इकाई बंद करने के आदेश के खिलाफ पिरामल फार्मा की अर्जी पर सुनवाई करे जीएसपीसीबी: न्यायालय

उत्पादन इकाई बंद करने के आदेश के खिलाफ पिरामल फार्मा की अर्जी पर सुनवाई करे जीएसपीसीबी: न्यायालय
Modified Date: February 9, 2026 / 08:59 pm IST
Published Date: February 9, 2026 8:59 pm IST

नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने पिरामल फार्मा लिमिटेड की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए गुजरात राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीएसपीसीबी) को निर्देश दिये की वह कंपनी की उस अर्जी पर एक सप्ताह के भीतर सुनवाई कर फैसला करे।

पिरामल की याचिका में खतरनाक कचरे के अवैध निस्तारण के आरोपों के मद्देनजर दाहेज स्थित उसकी विनिर्माण इकाई को बंद करने के आदेश को चुनौती दी गई है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ गुजरात उच्च न्यायालय के पांच फरवरी के आदेश के खिलाफ मेसर्स पिरामल फार्मा लिमिटेड की अपील की सुनवाई कर रही थी।

उच्च न्यायालय ने दाहेज स्थित विनिर्माण इकाई को बंद करने के आदेश को चुनौती देने वाली कंपनी की याचिका को खारिज कर दिया था।

जीएसपीसीबी ने तीन फरवरी को खतरनाक कचरे के अवैध रूप से निस्तारण करने के आरोपों के बाद इकाई को बंद करने का नोटिस जारी किया था।

बोर्ड ने दावा किया कि 30 जनवरी को पिरामल के दाहेज विनिर्माण इकाई से हाइड्रोक्लोरिक एसिड ले जा रहे एक टैंकर को नियमों का उल्लंघन करते हुए गांधीनगर जिले में नर्मदा जल नहर में रासायनिक अपशिष्ट डालते हुए देखा गया।

पीठ ने कहा कि यदि कंपनी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के फैसले से असंतुष्ट है, तो वह राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) से संपर्क कर सकती है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि एनजीटी अपील दायर होने के दो सप्ताह के भीतर, यदि कोई हो, तो उस पर निर्णय ले सकती है।

भाषा धीरज प्रशांत

प्रशांत


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