जीटी एक्सप्रेस में आग : जांच रिपोर्ट में बैटरी की खराबी और चेन्नई के ईटीएल विभाग को दोषी ठहराया गया

जीटी एक्सप्रेस में आग : जांच रिपोर्ट में बैटरी की खराबी और चेन्नई के ईटीएल विभाग को दोषी ठहराया गया

जीटी एक्सप्रेस में आग : जांच रिपोर्ट में बैटरी की खराबी और चेन्नई के ईटीएल विभाग को दोषी ठहराया गया
Modified Date: February 26, 2026 / 08:57 pm IST
Published Date: February 26, 2026 8:57 pm IST

(जीवन प्रकाश शर्मा)

नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के वर्धा के पास 17 फरवरी को दिल्ली-चेन्नई ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस के एक डिब्बे में आपातकालीन लाइट यूनिट की बैटरी में आई खराबी के कारण आग लगी थी। रेलवे की एक शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

रिपोर्ट में इस घटना के लिए चेन्नई डिपो के ‘इलेक्ट्रिक ट्रेन लाइटिंग’ (ईटीएल) विभाग को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है। आठ सदस्यीय जांच दल में से सात ने निष्कर्ष निकाला कि साक्ष्य बताते हैं कि आग ट्रेन के सबसे पिछले डिब्बे के अंदर आपातकालीन लाइट यूनिट की बैटरी से शुरू हुई थी।

वहीं, जांच दल के एक सदस्य ने अलग राय जताते हुए ट्रेन की लाइट प्रणाली और वातानुकूलन के रखरखाव को घटना के लिए जिम्मेदार बताया।

रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के सिंधी रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर और ‘पॉइंट्समैन’ ने 17 फरवरी को पूर्वाह्न 11:20 बजे सबसे पीछे वाले डिब्बे से धुआं और आग निकलते हुए देखा।

इसके अनुसार, उन्होंने लाल झंडी दिखाकर गार्ड को इशारा किया, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद उप स्टेशन मास्टर ने वॉकी-टॉकी पर ट्रेन गार्ड को सूचित करने की कोशिश की, लेकिन स्पष्ट संचार न होने के कारण असफल रहे। आखिरकार, अलार्म चेन खींचने के बाद पूर्वाह्न 11:22 बजे 22 डिब्बों वाली ट्रेन रूक सकी थी।

इसके बाद दमकल वाहनों ने आग पर काबू पाया था।

भाषा शफीक पवनेश

पवनेश


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