अहमदाबाद, 29 सितंबर (भाषा) गुजरात कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को यहां प्रदर्शन किया तथा मतदाता सूची में गड़बड़ी और “वोट चोरी” के आरोप में ज्ञानेश कुमार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के पद से हटाने की मांग की।
काले कपड़े पहने प्रदर्शनकारियों ने पतंग होटल से नेहरू ब्रिज के पास सरदार बाग तक मार्च किया। इसके बाद उन्होंने वहां धरना दिया और बाद में सीईसी का पुतला जलाया।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस की गुजरात इकाई के अध्यक्ष अमित चावड़ा, राज्य विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता तुषार चौधरी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने किया।
चावड़ा ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग, जिसे एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संवैधानिक संस्था के तौर पर काम करना चाहिए था, वह नरेन्द्र मोदी सरकार के हाथों की “कठपुतली” बनकर रह गया है।
उन्होंने कहा, “वोट की चोरी जनता के वोट देने के अधिकार के साथ धोखा है। मतदाता सूची से किसी असली मतदाता का नाम हटाना उनके लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधे हमले के बराबर है।”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि “मोदी सरकार और ज्ञानेश कुमार की मिलीभगत से वोट चोरी की जो साज़िश रची गई थी, उसका पर्दाफाश हो गया है।”
चावड़ा ने कहा, “सीईसी ज्ञानेश कुमार ने देश और देशवासियों के साथ धोखा किया है। ज्ञानेश कुमार को तुरंत उनके पद से हटाया जाए, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें जेल भेजा जाए।”
उनके अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी 2023 से ही कथित वोट चोरी के बारे में सवाल उठाते रहे हैं और उन्होंने इस मुद्दे पर संवाददाता सम्मेलन किये हैं, विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं और ज्ञापन सौंपे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया, असली मतदाताओं के नाम हटाने और भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी वोट जोड़ने को लेकर चिंताएं सामने आई हैं।
कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच की भी मांग की और कहा कि अगर कोई गड़बड़ी या कानून का उल्लंघन साबित होता है, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
भाषा प्रशांत दिलीप
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