गणेशोत्सव: मुंबई में दोपहर तक 430 मूर्तियों का विसर्जन

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गणेशोत्सव: मुंबई में दोपहर तक 430 मूर्तियों का विसर्जन

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  • Publish Date - September 25, 2026 / 04:43 PM IST,
    Updated On - September 25, 2026 / 04:43 PM IST

मुंबई, 25 सितंबर (भाषा) गणेशोत्सव के अंतिम दिन शुक्रवार को गणपति को विदाई देने के लिए मुंबई में ‘‘गणपति बप्पा मोरया’’ के जयकारों और ढोल-ताशों की थाप के बीच भगवान गणेश की मूर्तियों के विसर्जन के लिए शोभायात्राएं निकाली गईं।

बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं की मौजूदगी में सार्वजनिक गणेश पंडालों में पूजा और आरती के बाद कई प्रमुख मंडलों की विसर्जन शोभायात्राएं जयकारों, पारंपरिक संगीत तथा गुलाल और फूलों की वर्षा के बीच शुरू हुईं।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बताया कि गणपति की मूर्तियां विसर्जन स्थलों पर पहुंचने लगी हैं और दोपहर 12 बजे तक 430 मूर्तियों का विसर्जन किया जा चुका था। इनमें आठ सार्वजनिक मूर्तियां, घरों में स्थापित 416 मूर्तियां और गौरी/हरतालिका की छह मूर्तियां शामिल थीं।

बीएमसी के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, दोपहर तक विसर्जन प्रक्रिया के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

बारह दिवसीय गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है। इस दिन श्रद्धालु गणपति की मूर्तियों का प्राकृतिक जलाशयों या कृत्रिम तालाबों में विसर्जन कर भगवान गणेश को विदाई देते हैं। इस अवसर पर मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में पूरे उल्लास के साथ शोभायात्राएं निकाली जाती हैं।

लालबाग-परेल इलाके में महिलाओं और बच्चों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु विसर्जन शोभायात्राएं एवं गणपति की मूर्तियों पर पुष्पवर्षा देखने तथा उत्सव का आनंद लेने के लिए सड़कों के किनारे एकत्र हुए।

गणेशोत्सव के दौरान मुंबई और देश के अन्य हिस्सों से लोग प्रसिद्ध ‘लालबागचा राजा’ समेत विभिन्न पंडालों में गणपति के दर्शन करने के लिए लालबाग पहुंचते हैं।

गणेश गली के ‘मुंबईचा राजा’, ‘करी रोडचा कैवारी’, ‘परेलचा राजा’, कालाचौकी के ‘महागणपति’ और ‘तेजुकाया मेंशन’ के गणपति समेत कई प्रसिद्ध गणपति मंडलों की शोभायात्राएं पूर्वाह्न 11 बजे से पहले लालबाग-परेल इलाके की सड़कों पर निकल चुकी थीं। हालांकि, उस समय तक ‘लालबागचा राजा’ और ‘चिंचपोकलीचा चिंतामणि’ समेत कुछ अन्य प्रसिद्ध मंडलों की मूर्तियां पंडालों से बाहर नहीं निकाली गई थीं।

लालबाग की ‘श्रॉफ बिल्डिंग’ में पुष्पवर्षा के बाद गणपति की मूर्तियां गिरगांव चौपाटी और दादर चौपाटी समेत विभिन्न विसर्जन स्थलों की ओर बढ़ीं।

‘करी रोडचा कैवारी’ की शोभायात्रा ‘श्रॉफ बिल्डिंग’ में पुष्पवर्षा के बाद लालबाग से रवाना होने वाली पहली शोभायात्रा थी। दोपहर तक ‘तेजुकाया मेंशन’ और ‘कालाचौकीचा महागणपति’ की शोभायात्राएं भी समुद्र तट स्थित विसर्जन स्थलों के लिए रवाना हो गईं।

मुंबई के अन्य इलाकों में भी उत्साह के साथ विसर्जन शोभायात्राएं शुरू हुईं। बोरीवली में ‘उपनगरचा राजा’ की शोभायात्रा भी विसर्जन स्थल की ओर बढ़ गई।

कई शोभायात्राओं में पारंपरिक ढोल-ताशा मंडलियां भी शामिल थीं और श्रद्धालु नृत्य करते एवं भक्ति गीत गाते हुए विभिन्न विसर्जन स्थलों की ओर बढ़े।

मुंबई पुलिस और बीएमसी ने मूर्ति विसर्जन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियंत्रित करने और शोभायात्राओं की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दिनभर 24,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और बीएमसी ने 25,000 कर्मचारियों को तैनात किया है।

नगर निकाय ने शहर के 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों और 383 कृत्रिम तालाबों पर ‘लाइफगार्ड’ (डूबने से बचाने के लिए तैनात प्रशिक्षित कर्मी), एम्बुलेंस, चिकित्सकीय दल, क्रेन और अन्य आपात सेवाओं की व्यवस्था की है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने, निर्धारित विसर्जन स्थलों का इस्तेमाल करने और शोभायात्राओं के दौरान पुलिस तथा नगर निकाय कर्मियों का सहयोग करने की अपील की है।

बीएमसी ने समुद्र तट के आसपास ‘ब्लू-बटन जेलीफिश’ और ‘स्टिंगरे’ मछलियों की मौजूदगी के मद्देनजर लोगों से विसर्जन के लिए समुद्र में उतरते समय विशेष सावधानी बरतने और नगर निकाय एवं पुलिस अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की भी अपील की।

भाषा सिम्मी पवनेश

पवनेश