मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पर हरीश रावत ने कहा: हमेशा आलाकमान का फैसला माना गया

मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पर हरीश रावत ने कहा: हमेशा आलाकमान का फैसला माना गया

मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पर हरीश रावत ने कहा: हमेशा आलाकमान का फैसला माना गया
Modified Date: August 20, 2026 / 08:05 pm IST
Published Date: August 20, 2026 8:05 pm IST

नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर बृहस्पतिवार को कहा कि उत्तराखंड के आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत की स्थिति में पद को लेकर आलाकमान जो भी फैसला करेगा, उसे प्रदेश कांग्रेस हमेशा की तरह स्वीकार करेगी।

रावत ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में यह भी कहा कि वह अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन पार्टी की ओर से जो भी भूमिका दी जाएगी, उसे वह निभाएंगे।

उत्तराखंड में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव संभावित हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने उम्मीद जताई कि उत्तराखंड इस बार बदलाव करने जा रहा है और कांग्रेस की जीत होगी।

अगला विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर रावत ने कहा कि वह 2022 में भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उन्हें चुनाव लड़ना पड़ा।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अब आगे नहीं। मेरे सहयोगी भी नहीं चाहते कि मैं चुनाव लड़ूं।’’

मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर चुनाव लड़ने के सवाल पर रावत ने कहा कि राज्य में ‘‘पंचमुखी नेतृत्व’’ है और इसे तय करना पार्टी का काम है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रभारी को भी इस संबंध में निर्णय लेना है।

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में खुद के शामिल होने के सवाल पर रावत ने कहा कि पार्टी आलाकमान के फैसले को उत्तराखंड कांग्रेस ने हमेशा माना है, इसके इतर कभी कुछ नहीं सोचा है और उसे सोचना भी नहीं चाहिए।

उनका कहना था, ‘‘कांग्रेस मजबूती से खड़ी है और आगामी चुनाव में पार्टी जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को बदलाव का अवसर मिल रहा है और यह बदलाव पूरे देश में भी दिखाई दे रहा है।’’

संगठन में सब कुछ ठीक नहीं होने संबंधी सवाल पर रावत ने कहा कि परिवार में हर व्यक्ति की अपनी भूमिका होती है और जब चुनौतियां आती हैं तो सभी एकजुट होकर उनका सामना करते हैं।

पार्टी में अपनी उपेक्षा किए जाने की बात से इनकार करते हुए रावत ने कहा, ‘‘मैं 78 साल का हूं। पार्टी के लिए पहले भी उपलब्ध रहा हूं और आगे भी रहूंगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं नाराज नहीं हूं…मैं 58 साल से कांग्रेस में हूं। जिस लकीर पर रहे हैं, उसी पर ही रहेंगे। हां, उम्र के साथ भूमिकाएं बदलती रही हैं।’’

यह पूछे जाने पर कि आगे उनकी इस चुनाव में क्या भूमिका होगी, रावत ने कहा कि यह पार्टी तय करेगी और उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, वह उसके लिए तैयार हैं।

कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य ने ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े विवाद पर कहा कि 1937 में महान स्वतंत्रता सेनानियों को मौजूदगी वाली कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने जो फैसला किया, उसे आज की सीडब्ल्यूसी नहीं बदल सकती।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद और देश की आजादी की लड़ाई से भाजपा का कोई तारतम्य नहीं है, जबकि कांग्रेस का है तथा उसके हर कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ गाया जाता है।

राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी पर रावत ने कहा कि यह चंदे और चढ़ावे की लूट है और कांग्रेस इस मामले को घर-घर तक ले जाएगी।

भाषा हक हक नरेश पवनेश

पवनेश


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