(फाइल फोटो के साथ)
चंडीगढ़, दो सितंबर (भाषा) हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर जवाब देने से बचने की कोशिश की।
हुड्डा ने कहा कि मंगलवार को समाप्त हुए विधानसभा सत्र के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने मुख्य विपक्षी दल की ओर से उठाए गए मुद्दों पर चर्चा से बचने का प्रयास किया।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हुड्डा ने अशोक अरोड़ा, बी.बी. बत्रा, आफताब अहमद और गीता भुक्कल समेत कांग्रेस के कई विधायकों की मौजूदगी में संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस ने हरियाणा में करोड़ों रुपये के बैंक घोटाले को लेकर कार्य स्थगन प्रस्ताव दिया था।
उन्होंने कहा कि लेकिन स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया, क्योंकि सरकार इस पर चर्चा नहीं चाहती थी। अगर चर्चा होती तो कई बातें सामने आ जातीं।
हुड्डा ने कहा, ‘‘हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के मुद्दे पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। कांग्रेस विधायकों के साथ 27 अगस्त को हुए दुर्व्यवहार के मामले में भी सरकार ने यह नहीं बताया कि विधायकों को किसके निर्देश पर रोका गया था।’’
कांग्रेस ने मांग की है कि राज्य के सभी सरकारी विभागों को अनुबंध के आधार पर कर्मचारी उपलब्ध कराने वाले हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के तहत भर्ती किए गए सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए और भविष्य में होने वाली सभी भर्तियां केवल नियमित आधार पर ही की जाएं।
हुड्डा ने कहा कि एचकेआरएन के तहत नौकरी की सुरक्षा देने का सरकार का दावा वास्तविकता से दूर है। उन्होंने कहा कि कई लोग उनसे मिलकर शिकायत कर चुके हैं कि उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘सरकार दावा करती है कि वह नौकरी की गारंटी दे रही है, लेकिन उसने शिक्षित युवाओं को दिहाड़ी मजदूर बना दिया है। कल अंबाला से कई महिलाएं मुझसे मिलीं। उन्होंने बताया कि उनका अनुबंध खत्म कर दिया गया और इसकी जानकारी उन्हें व्हाट्सऐप संदेश के जरिए दी गई।’’
विधानसभा परिसर के बाहर 27 अगस्त को कांग्रेस विधायकों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मुद्दे पर हुड्डा ने कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री विधायकों के साथ हुए व्यवहार का जवाब देने के बजाय कांग्रेस विधायकों पर ही आरोप लगा रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘वे यह बताने के बजाय कि विधायकों को किसके आदेश पर रोका गया, हम पर आरोप लगा रहे हैं। यह सरकार विफल है और जवाबदेही लेने के लिए तैयार नहीं है।’’
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कहा था कि उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि कांग्रेस के कुछ विधायकों ने विधानसभा के प्रवेश द्वार पर सुरक्षाकर्मियों के साथ ‘‘हाथापाई’’ तक की और इसमें हुड्डा भी शामिल थे।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच के लिए सदन की समिति गठित करने और वीडियो की विस्तृत जांच कराने की मांग की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यहां तक कहा था कि अगर उन्हें लगता है कि मैंने कुछ गलत किया है तो मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर लें।’’
हुड्डा ने कहा कि करीब एक महीने से हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर भी सरकार ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। सफाई कर्मचारी अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि राज्य का कर्ज बढ़कर 5.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जबकि 2014 में यह करीब 70 हजार करोड़ रुपये था।
हुड्डा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ‘‘चार पी’’- प्रचार, पुलिस, पोर्टल और ध्रुवीकरण-के सहारे काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को विकास और युवाओं के भविष्य की चिंता नहीं है।
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