चंडीगढ़, 20 मई (भाषा) हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने राज्य में बच्चों के खिलाफ अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई और प्रशासन, पुलिस समेत वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ‘‘भारत में अपराध 2024’’ रिपोर्ट में जारी आंकड़ों पर आधारित एक खबर पर स्वत: संज्ञान लेते हुए, आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा, सदस्य (न्यायिक) कुलदीप जैन और सदस्य दीप भाटिया की पीठ ने कहा कि रिपोर्ट से पता चलता है कि हरियाणा में बच्चों के खिलाफ अपराध में चिंताजनक और बहुत परेशान करने वाली बढ़ोतरी हुई है।
खबर में बताए गए आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में 2024 के दौरान बच्चों के खिलाफ अपराध के 7,547 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 की तुलना में 17.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाते हैं। हरियाणा में बच्चों के खिलाफ अपराध की दर कथित तौर पर प्रति लाख बच्चों पर 82.8 मामलों तक पहुंच गई है, जो देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक बताई गई।
आयोग ने देखा कि पॉक्सो कानून के तहत अपराधों से जुड़े आंकड़े, खासकर लड़कियों से जुड़े आंकड़े, राज्य में बच्चों की शारीरिक सुरक्षा, भावनात्मक सेहत, सम्मान और मनोवैज्ञानिक विकास के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक से बच्चों के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों में पंजीकरण, जांच, निपटारे और सजा की जिलेवार स्थिति के बारे में रिपोर्ट देने को कहा गया है, जिसमें पॉक्सो कानून के तहत अपराध, लापता बच्चों के मामले, तस्करी और बच्चों के शोषण के मामले शामिल हैं।
हरियाणा मानवाधिकार आयोग के सहायक पंजीयक डॉ. पुनीत अरोड़ा ने कहा कि अधिकारियों को अगली सुनवाई की तारीख से कम से कम एक सप्ताह पहले हरियाणा मानवाधिकार आयोग के सामने अपनी विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए छह अगस्त की तारीख तय की गई है।
भाषा वैभव अविनाश
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