Mahua Moitra on Animal Slaughter Act || Image- AI Generated
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस की चर्चित महिला नेता महुआ मोइत्रा ने बुधवार को कहा कि उन्होंने बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण कानून में छूट देने की मांग को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। (Mahua Moitra on Animal Slaughter Act) यह याचिका टीएमसी विधायक अखरुज्जमान के जरिए दायर की गई है। महुआ मोइत्रा का कहना है कि 13 मई को जारी राज्य सरकार की नई अधिसूचना का असर सिर्फ बकरीद मनाने वाले मुस्लिम समुदाय पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था और पशुपालकों की रोजी-रोटी पर भी असर डालेगा।
Filed petition via MLA Jb. Akhrurzamman for exemption under Section 12 of Animal Slaughter Act, 1951 for Eid al-Adha. Apart from Muslims, huge numbers of Hindus involved in dairy, cattle rearing & trade risk economic doom due to last- minute orders. pic.twitter.com/JSMSVTC7Yw
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) May 20, 2026
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दरअसल, पश्चिम बंगाल सरकार ने 13 मई को एक नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में कहा गया कि किसी भी बैल, गाय, बछड़े या भैंस को काटने से पहले “फिटनेस सर्टिफिकेट” लेना जरूरी होगा। यह सर्टिफिकेट केवल नगरपालिका चेयरमैन या पंचायत समिति के अध्यक्ष और सरकारी पशु चिकित्सक की मंजूरी के बाद ही मिलेगा। नए नियम के अनुसार सिर्फ उन्हीं जानवरों के वध की अनुमति होगी, जिनकी उम्र 14 साल से ज्यादा हो या जो गंभीर बीमारी, चोट या बूढ़े होने के कारण स्थायी रूप से अक्षम हों।
महुआ मोइत्रा ने कहा कि याचिका में पश्चिम बंगाल एनिमल स्लॉटर कंट्रोल एक्ट, 1951 की धारा 12 के तहत छूट मांगी गई है। उनका कहना है कि बकरीद 27 या 28 मई को होने की संभावना है और त्योहार की तैयारियों के लिए बहुत कम समय बचा है। (Mahua Moitra on Animal Slaughter Act) उन्होंने कहा कि सरकार के पास विशेष परिस्थितियों में छूट देने का अधिकार है और उसी के तहत राहत मांगी गई है।
दूसरी ओर महुआ मोइत्रा की तरह ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन की पश्चिम बंगाल इकाई ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर राज्य भाजपा सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 को लागू करने के कदम के खिलाफ तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने भी इसके पीछे पशुपालकों की आजीविका पर पड़ने वाले संभावित असर का हवाला दिया है।
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इस मामले की सुनवाई कलकत्ता हाईकोर्ट की बेंच करेगी। इस बेंच में मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन शामिल हैं। अदालत ने मामले की पहली सुनवाई गुरुवार सुबह 10:30 बजे तय की है।