TMC Protest News: चुनाव के बाद अब अपनों से हारी ममता! प्रदर्शन में पहुंचे महज इतने विधायक, क्या TMC में शुरू हुई अंतर्कलह?

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TMC Protest News: चुनाव में मिली हार के बाद टीएमसी के पहले बड़े विरोध प्रदर्शन में ही विधायकों की कम मौजूदगी ने चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

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  • Publish Date - May 20, 2026 / 06:30 PM IST,
    Updated On - May 20, 2026 / 06:30 PM IST

TMC Protest News/Image Credit: X Handle

TMC Protest News: कोलकाता: पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) करारी हार का सामना करना पड़ा। चुनाव में मिली हार के बाद TMC अब खुद को विपक्ष की भूमिका में खुद को खड़ा करने की कोशिश में जुटी हुई है। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष की ये कोशिशें सफल नहीं होते दिखाई दे रही है। बुधवार को TMC ने विधानसभा परिसर में धरना-प्रदर्शन किया, लेकिन इस प्रदर्शन में कुछ ऐसा हुआ जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।

प्रदर्शन में नहीं पहुंचे विपक्ष के कई विधायक

दरअसल, चुनाव में मिली हार के बाद टीएमसी के पहले बड़े विरोध प्रदर्शन में ही विधायकों की कम मौजूदगी ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। बुधवार को विधानसभा परिसर में बीआर आंबेडकर की प्रतिमा के पास टीएमसी विधायकों ने चुनाव बाद हिंसा और हॉकरों के खिलाफ चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर धरना प्रदर्शन किया, (TMC Protest News) लेकिन पार्टी के 80 विधायकों में से केवल 35 विधायक ही कार्यक्रम में पहुंचे। इस कम उपस्थिति ने पार्टी के भीतर संभावित असंतोष और अंदरूनी खींचतान को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

टीएमसी कर रही राजनीतिक ताकत जुटाने की कोशिश

यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब एक दिन पहले ही कोलकाता के कालीघाट में टीएमसी नेतृत्व की महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में कई विधायकों ने साफ कहा था कि केवल बंद कमरों में बैठकर रणनीति बनाने से पार्टी की खोई हुई जमीन वापस नहीं आएगी। नेताओं ने सुझाव दिया कि टीएमसी को फिर से सड़क पर उतरकर जनता के बीच जाना होगा और जन आंदोलनों के जरिए अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करनी होगी।

TMC ने हिंसा और बुलडोजर कार्रवाई को बनाया प्रदर्शन का मुद्दा

धरने में मुख्य रूप से सोवांदेब चट्टोपाध्याय, नयना बनर्जी, कुणाल घोष और रितब्रत बनर्जी जैसे चेहरे मौजूद रहे। (TMC Protest News) टीएमसी ने अपने इस प्रदर्शन के जरिए चुनाव बाद हिंसा, बुलडोजर कार्रवाई और हॉकरों को हटाने के अभियान को मुद्दा बनाया। पार्टी का आरोप है कि नई सरकार के आने के बाद विपक्षी कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर दबाव बनाया जा रहा है और गरीबों के रोजगार पर असर डालने वाली कार्रवाई की जा रही है।

टीएमसी के वरिष्ठ नेता ने प्रदर्शन को लेकर कही ये बात

हालांकि टीएमसी विधायक दल के वरिष्ठ नेता सोवांदेब चट्टोपाध्याय ने पार्टी के भीतर किसी तरह के मतभेद से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि कई विधायक चुनाव बाद हिंसा प्रभावित इलाकों में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ व्यस्त थे, इसलिए वे कार्यक्रम में नहीं आ सके। उन्होंने यह भी कहा कि धरने का कार्यक्रम सिर्फ एक दिन के नोटिस पर तय हुआ था, (TMC Protest News) ऐसे में दूरदराज के इलाकों से आने वाले विधायकों के लिए समय पर पहुंचना मुश्किल था।

सोवांदेब चट्टोपाध्याय ने कहा, “करीब 35 विधायक आज के कार्यक्रम में मौजूद थे। कई विधायक चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के साथ काम कर रहे हैं, इसलिए वे नहीं आ सके. कार्यक्रम एक दिन के नोटिस पर रखा गया था, इसलिए दूर के क्षेत्रों से आने वाले विधायकों के लिए पहुंचना कठिन था।”

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