यह सुनिश्चित हो कि आधार कार्ड का उपयोग केवल पहचान प्रमाण के रूप में ही किया जाए : अदालत में याचिका

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यह सुनिश्चित हो कि आधार कार्ड का उपयोग केवल पहचान प्रमाण के रूप में ही किया जाए : अदालत में याचिका

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  • Publish Date - May 20, 2026 / 05:40 PM IST,
    Updated On - May 20, 2026 / 05:40 PM IST

नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) आधार कार्ड का इस्तेमाल नागरिकता, निवास स्थान और आवासीय पते के प्रमाण के रूप में किए जाने का दावा करते हुए, उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि कार्ड का उपयोग केवल पहचान प्रमाण के रूप में ही किया जाए।

अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर याचिका में केंद्र, राज्यों और निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि आधार कार्ड का इस्तेमाल पहचान के प्रमाण के रूप में किया जाए, न कि नागरिकता, निवास स्थान, पता और जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में।

याचिका में कहा गया, ‘‘आधार अधिनियम, 2016 की धारा 9 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ‘आधार नागरिकता या निवास का प्रमाण नहीं है’। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की 22 अगस्त, 2023 की अधिसूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ‘आधार पहचान का प्रमाण है, नागरिकता, पता या जन्मतिथि का नहीं’।’’

याचिका में कहा गया, ‘‘इसके बावजूद, आधार का उपयोग न केवल स्कूल में दाखिले, संपत्ति खरीदने और जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आयु, नागरिकता और निवास प्रमाण के रूप में किया जा रहा है, बल्कि नए मतदाता पंजीकरण आवेदन पत्र (फॉर्म-6) में जन्म तिथि और निवास प्रमाण के रूप में भी किया जा रहा है। इस प्रकार, घुसपैठिए और अवैध प्रवासी आधार का इस्तेमाल करके विभिन्न दस्तावेज प्राप्त कर रहे हैं।’’

याचिका में यह दलील दी गई है कि फॉर्म-6 के तहत मौजूदा सत्यापन तंत्र अपर्याप्त है और इसके तहत उचित सहायक दस्तावेजों के बिना भी व्यक्तियों को मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है।

भाषा शफीक रंजन

रंजन