चंडीगढ़, तीन अगस्त (भाषा) हरियाणा सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में लंबित मामले पर फैसला आने तक ग्रुप ‘ए’ और ग्रुप ‘बी’ पदों पर कार्यरत अनुसूचित जाति (एससी) कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने के प्रावधान के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी।
मानव संसाधन विभाग ने इस संबंध में नए निर्देश जारी किए, जो इस विषय पर 19 दिसंबर 2023 को जारी आदेशों का स्थान लेंगे।
यह कदम राज्य सरकार की ओर से पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के एक अप्रैल 2025 के फैसले के खिलाफ दायर अपील के बाद उठाया गया।
मामला ‘कमलजीत सिंह एवं अन्य बनाम हरियाणा राज्य’ से संबंधित है। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में अनुसूचित जाति कर्मचारियों को पदोन्नति में 20 प्रतिशत आरक्षण देने की हरियाणा सरकार की नीति को बरकरार रखा था।
अदालत ने हालांकि निर्देश दिया था कि इस नीति के क्रियान्वयन में ‘क्रीमी लेयर’ को आरक्षण के दायरे से बाहर रखा जाए।
राज्य सरकार के एक आधिकारिक बयान में सोमवार शाम बताया गया कि सरकार ने उच्च न्यायालय के इस निर्देश को ‘लेटर्स पेटेंट अपील’ (एलपीए) के माध्यम से चुनौती दी है, जो फिलहाल अदालत में लंबित है।
नए आदेशों के तहत, उच्च न्यायालय का अंतिम फैसला आने तक सात अक्टूबर 2023 की नीति के तहत आरक्षण का लाभ देते हुए कोई भी पदोन्नति नहीं दी जाएगी।
भाषा जितेंद्र जोहेब
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