महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा बर्दाश्त नहीं : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय

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महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा बर्दाश्त नहीं : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय

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  • Publish Date - September 7, 2026 / 04:09 PM IST,
    Updated On - September 7, 2026 / 04:09 PM IST

चेन्नई, सात सितंबर (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को विपक्षी दल द्रमुक पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ निजी हमले, दोहरे अर्थ वाली टिप्पणियां या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विधानसभा में गृह विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए विजय ने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे जयललिता के साथ कथित दुर्व्यवहार का जिक्र किया और महिलाओं से जुड़े विवादों के बीच निजी हमलों की निंदा की।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के सम्मान और राजनीतिक मर्यादा को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने दो प्रमुख महिला हस्तियों से जुड़े मामलों का अप्रत्यक्ष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीति के नाम पर किसी का व्यक्तिगत अपमान नहीं किया जाना चाहिए।

विजय ने विधानसभा में 1989 की उस घटना का जिक्र किया, जब द्रमुक के शासनकाल में जयललिता के साथ सदन के अंदर कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया था। उन्होंने कहा कि राजनीति में ऐसे शर्मनाक उदाहरण दोहराए नहीं जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में तीखी राजनीतिक आलोचना स्वीकार्य है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ निजी और अपमानजनक टिप्पणियां किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएंगी।

विजय ने कहा, ‘‘राजनीति की आड़ में हमारे लोगों, महिलाओं या किसी अन्य व्यक्ति का व्यक्तिगत अपमान करने वालों से मेरा अनुरोध है कि ऐसा न करें। हाल के दिनों में तमिलनाडु में ऐसा लगता है जैसे अश्लीलता और नफरत की नदी लगातार बह रही है। महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा, मानहानिकारक टिप्पणियां और दोहरे अर्थ वाले शब्दों का इस्तेमाल गलत है।’’

उन्होंने कहा कि महिलाओं को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वालों को यह समझना चाहिए कि जनता उनके हर कदम को देख रही है।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी द्रमुक नेता और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की उस घटना के कुछ सप्ताह बाद आई है, जिसमें उन्हें कावेरी मुद्दे पर प्रदर्शन के दौरान अभिनेत्री त्रिशा के संदर्भ में की गई कथित दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी को लेकर गिरफ्तार किया गया था और बाद में थाने से जमानत मिल गई थी।

विधानसभा में विजय ने कहा, ‘‘महिलाएं मेरी राजनीतिक सफलता का मुख्य कारण हैं। मैं उनके खिलाफ किसी भी अपमानजनक भाषा को बर्दाश्त नहीं करूंगा। राजनीतिक आलोचना कड़ी हो सकती है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणियां नहीं होनी चाहिए। जनता सब कुछ देख रही है।’’

उन्होंने शारीरिक नुकसान पहुंचाने वाली धमकियों वाली टिप्पणियों की भी निंदा की और कहा कि जनता के लोकतांत्रिक फैसले का अनादर करने वाले बयानों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री ने राजनीतिक इतिहास की घटनाओं का जिक्र करते हुए आपातकाल के दौरान लागू किए गए मीसा कानून (आंतरिक सुरक्षा अधिनियम) का भी उल्लेख किया। उन्होंने तमिल कवि और गीतकार कन्नदासन की पंक्तियों का हवाला देते हुए विपक्ष के व्यवहार पर टिप्पणी की।

मुख्यमंत्री ने अपराध के खिलाफ सरकार की ‘‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’’ की नीति दोहराई और कोयंबटूर में हाल में हुई छात्र की हत्या के मामले में 36 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी।

भाषा मनीषा रंजन

रंजन