लंदन, सात सितंबर (एपी) ब्रिटेन सरकार ने सोमवार को इंग्लिश चैनल पार कर आए प्रवासियों के विरोध में दक्षिणी इंग्लैंड के एक बंदरगाह पर प्रदर्शन करने वाले प्रवासी विरोधी प्रदर्शनकारियों के ‘‘डराने-धमकाने वाले और उग्र व्यवहार’’ की निंदा की।
रविवार देर रात पोर्ट्समाउथ में सैकड़ों प्रदर्शनकारी पुलिस के सामने आ गए। इनमें से कई ने काले कपड़े पहन रखे थे और चेहरे ढक रखे थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रवासियों को किनारे लाने वाली बचाव नौकाओं को रोकने का प्रयास किया।
इसके बाद उन्होंने नए आए प्रवासियों को शरणार्थी आवेदन प्रक्रिया केंद्र तक ले जाने वाली बसों को भी रोकने की कोशिश की।
सरकार ने एक बयान में कहा, ‘‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार हमारे लोकतंत्र का मूल हिस्सा है, लेकिन इसे कभी भी अव्यवस्था की सीमा पार नहीं करनी चाहिए।’’
पोर्ट्समाउथ में हुए इस प्रदर्शन से एक दिन पहले, शनिवार को डोवर में भी ऐसा ही प्रवासी विरोधी प्रदर्शन हुआ था। डोवर ब्रिटेन का सबसे व्यस्त नौका बंदरगाह है। वहां सैकड़ों नकाबपोश प्रवासी विरोधी प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया था, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और फ्रांस जाने वाले यात्रियों तथा मालवाहक वाहनों को परेशानी हुई।
दोनों प्रदर्शनों का नेतृत्व कथित तौर पर डेनियल थॉमस कर रहे थे, जो कट्टर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता स्टीफन यैक्सली-लेनन के सहयोगी हैं। यैक्सली-लेनन को टॉमी रॉबिन्सन के नाम से जाना जाता है।
ब्रिटेन की सरकारें उन लोगों को रोकने के प्रयास करती रही हैं, जो खतरनाक समुद्री मार्ग से इंग्लिश चैनल पार करते हैं। पिछले साल 40 हजार से अधिक लोगों ने यह यात्रा की थी। इस मुद्दे को दक्षिणपंथी ‘रिफॉर्म यूके’ पार्टी के नेता निगेल फराज जैसे नेताओं ने संकट के रूप में पेश किया है और प्रवासी विरोधी समूहों ने इसे अपने अभियान का प्रमुख मुद्दा बनाया है।
प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम की सरकार का कहना है कि ब्रिटेन और फ्रांस के बीच बढ़े हुए कानून प्रवर्तन सहयोग के कारण इस साल अब तक इंग्लिश चैनल पार करने वालों की संख्या 2025 की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक कम हुई है।
पोर्ट्समाउथ लाए गए करीब 140 प्रवासियों को लेकर एक नाव रविवार तड़के नॉरमैंडी के पश्चिमी हिस्से से रवाना हुई थी। यह मार्ग कैलाइस के पास स्थित उन समुद्री तटों से काफी लंबा और अधिक जोखिम भरा था, जहां से आमतौर पर ज्यादातर लोग यात्रा शुरू करते हैं।
ब्रिटेन की समुद्री और तटरक्षक एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रवासियों को किनारे तक लाने के अभियान में बचाव नौकाओं, तटरक्षक हेलीकॉप्टर और एक विमान की मदद ली गई।
एपी मनीषा दिलीप
दिलीप