अदालत कक्ष में अराजकता के कारण आई-पैक कार्यालय पर छापेमारी संबंधी याचिकाओं की सुनवाई 14 जनवरी तक टली

अदालत कक्ष में अराजकता के कारण आई-पैक कार्यालय पर छापेमारी संबंधी याचिकाओं की सुनवाई 14 जनवरी तक टली

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  • Publish Date - January 9, 2026 / 06:38 PM IST,
    Updated On - January 9, 2026 / 06:38 PM IST

कोलकाता, नौ जनवरी (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राजनीतिक परामर्श फर्म ‘आई-पैक’ के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से की गई छापेमारी से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई शुक्रवार को अदालत कक्ष में अनियंत्रित भीड़ के कारण स्थगित कर दी।

न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष ने अदालत कक्ष में मौजूद उन लोगों से बार-बार बाहर जाने का आग्रह किया, जो इन याचिकाओं से जुड़े नहीं थे। हालांकि, भीड़ में शामिल लोगों पर उनके आग्रह का कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद याचिकाओं पर सुनवाई 14 जनवरी तक टाल दी गई।

एजेंसी ने उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल के समक्ष शुक्रवार को ही शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया, लेकिन उस पर विचार नहीं किया गया।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने न्यायमूर्ति घोष द्वारा पारित न्यायिक आदेश में हस्तक्षेप न करना उचित समझा।

उच्च न्यायालय को बृहस्पतिवार के उस नाटकीय घटनाक्रम के सिलसिले में ईडी और तृणमूल कांग्रेस की ओर से दायर दो याचिकाओं पर सुनवाई करनी थी, जिनके तहत मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन परिसरों पर पहुंची थीं, जहां केंद्रीय एजेंसी ने तलाशी ली थी और जांचकर्ताओं पर पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी से जुड़ा संवेदनशील डेटा जब्त करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

तृणमूल ने अपनी रिट याचिका में ईडी को तलाशी के दौरान जब्त किए गए डेटा के “दुरुपयोग और प्रसार” से रोकने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। वहीं, ईडी ने तृणमूल पर जांच में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार के घटनाक्रम की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का आग्रह किया है।

ईडी ने अपनी याचिका में ममता बनर्जी और राज्य सरकार के कुछ अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया है। वहीं, तृणमूल ने केंद्र सरकार के खिलाफ याचिका दायर की है।

भाषा सुरेश अविनाश

अविनाश