उच्च न्यायालय ने लाडली योजना के कार्यान्वयन संबंधी याचिका पर दिल्ली सरकार से अपना पक्ष रखने को कहा

उच्च न्यायालय ने लाडली योजना के कार्यान्वयन संबंधी याचिका पर दिल्ली सरकार से अपना पक्ष रखने को कहा

उच्च न्यायालय ने लाडली योजना के कार्यान्वयन संबंधी याचिका पर दिल्ली सरकार से अपना पक्ष रखने को कहा
Modified Date: May 12, 2023 / 03:32 pm IST
Published Date: May 12, 2023 3:32 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को लाडली योजना के उचित कार्यान्वयन के अनुरोध वाली याचिका पर दिल्ली सरकार का पक्ष जानना चाहा।

इस योजना का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करके उनकी सामाजिक स्थिति को मजबूत करना है।

मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने दिल्ली सरकार के वकील से उस जनहित याचिका पर निर्देश लेने के लिए कहा, जिसमें दावा किया गया है कि योजना के तहत उपलब्ध 364 करोड़ रुपये की धनराशि का कोई उपयोग नहीं किया गया है।

याचिकाकर्ता आकाश गोयल ने अपनी याचिका में कहा कि आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, लाडली योजना की 21 वर्ष से अधिक आयु की 1,82,894 लाभार्थियों की 364 करोड़ रुपये से अधिक राशि भारतीय स्टेट बैंक के पास पड़ी है और यह राशि सही तरीके से वितरित की जानी चाहिए।

वकील विभोर गर्ग और केशव तिवारी के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया कि दिल्ली सरकार ने एक जनवरी 2008 को ‘दिल्ली लाडली योजना’ शुरू की थी, जिसके तहत लाभार्थी की उम्र 18 वर्ष होने पर उसके खाते में एक लाख रुपये सरकार द्वारा जमा कराए जाते हैं।

याचिका में दावा किया गया कि योजना के तहत उपलब्ध धनराशि का सही तरीके से वितरण नहीं किया जा रहा है।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगस्त के लिए सूचीबद्ध की।

भाषा

शफीक नरेश

नरेश


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