उच्च न्यायालय का सीमावर्ती धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार

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उच्च न्यायालय का सीमावर्ती धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार

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  • Publish Date - July 14, 2026 / 12:08 AM IST,
    Updated On - July 14, 2026 / 12:08 AM IST

जोधपुर, 13 जुलाई (भाषा) राजस्थान उच्च न्यायालय ने भारत-पाकिस्तान सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित कई मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाने से सोमवार को इनकार कर दिया।

हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार को एक समिति गठित करने का निर्देश दिया, जो प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई के संबंध में अपनी सिफारिश देगी।

अदालत ने कहा कि ‘‘यह मामला धार्मिक भेदभाव का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन का है।’’ इसने यह भी स्पष्ट किया कि प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत महत्वपूर्ण है, लेकिन ऐसे मामलों में इसे इस तरह लागू नहीं किया जा सकता कि संवेदनशील सूचनाओं के खुलासे से राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हो।

न्यायमूर्ति समीर जैन ने पीर मोहम्मद शाह जिलानी दरगाह समिति एवं अन्य की ओर से दायर याचिकाएं खारिज कर दीं जिसमें जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में स्थित मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों को जारी नोटिसों को चुनौती दी गई थी।

नोटिसों में आरोप लगाया गया था कि इन संस्थानों ने वैधानिक अनुमति के बिना सरकारी अथवा कृषि भूमि पर स्थायी निर्माण किए हैं और संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध रूप से भूमि पर कब्जा कर रखा है।

अधिकारियों ने खुफिया सूचनाओं का हवाला देते हुए यह भी कहा था कि कुछ निर्माण राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय हो सकते हैं।

भाषा खारी वैभव

वैभव