कोलकाता/बालासोर, 13 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के तट के पास बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने वाली एक नाव के डूबने के बाद नौ मछुआरों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि छह अन्य अब भी लापता हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
बरामद हुए शव अत्यधिक क्षत-विक्षत स्थिति में थे, जिसके कारण उनकी पहचान कर पाना अत्यंत कठिन हो रहा था।
‘जय मां काली’ नाम की यह नाव दो जुलाई को पूर्व मेदिनीपुर जिले के शंकरपुर बंदरगाह से 15 मछुआरों को लेकर रवाना हुई थी। इनमें तीन मछुआरे पड़ोसी राज्य ओडिशा के भी शामिल थे। अधिकारी ने बताया कि छह जुलाई के बाद इस नाव से संपर्क टूट गया था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दुखद हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक संदेश में कहा, ‘पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में नाव दुर्घटना में लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। शोकाकुल परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’
अधिकारी ने बताया कि आठ दिनों तक चले व्यापक खोज अभियान के बाद, शनिवार को पुलिस और भारतीय तटरक्षक बल ने डूबी हुई नाव का पता लगाया। यह नाव बक्खाली तट से लगभग 35 किलोमीटर दूर एक रेतीले क्षेत्र (बाघेर चर) के पास मिली।
दक्षिण 24 परगना जिले के अधिकारी ने बताया कि छह मछुआरे अब भी लापता हैं और उनकी तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है। तटरक्षक बल, पुलिस और स्थानीय मछुआरे मिलकर उनकी खोज कर रहे हैं।
भाषा सुमित वैभव
वैभव