नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सिविल सेवाओं की क्षमता बढ़ाने को उच्च प्राथमिकता दी है।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सिंह ने कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ का उद्देश्य सिविल सेवकों को भविष्य के लिए तैयार करने वाले कौशल से लैस करना है। मिशन कर्मयोगी भारत में सिविल सेवाओं की क्षमता बढ़ाने का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है।
कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा, ‘‘इसी अनुसार, एआई और डिजिटल प्रौद्योगिकी में सिविल सेवाओं की क्षमता बढ़ाने और इस क्षेत्र में सरकारी कर्मचारियों को कौशल और ज्ञान से सशक्त बनाने को बहुत अधिक प्राथमिकता दी गई है।’’
वह इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या सरकार ने एआई और डिजिटल प्रौद्योगिकियों में अपने कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए कोई नीति बनाई है।
भाषा वैभव सुभाष
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