ऊना (हिमाचल प्रदेश), 19 मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश में ऊना जिले की झंबर पंचायत के जंगल से करोड़ों रुपये मूल्य के लगभग 1,000 खैर के पेड़ कथित तौर पर काटे गए हैं।
यह मामला बुधवार को उस समय सामने आया जब जंगल पहुंचे ग्रामीणों ने देखा कि बड़ी संख्या में खैर के पेड़ काटे गए हैं।
खैर के पेड़ को ‘अकेसिया कैटेचु’ के नाम से भी जाना जाता है। यह पेड़ अपनी लकड़ी के लिए बेशकीमती माना जाता है। इससे पान में इस्तेमाल होने वाला ‘कत्था’ तैयार होता है तथा कसैले गुणों के कारण इसका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में भी किया जाता है।
स्थानीय लोगों ने बड़े स्तर पर हुई पेड़ों की कटाई की निंदा की। उन्होंने आश्चर्य जताया कि विभाग को जंगल में माफिया की गतिविधियों के बारे में आगाह करने के बावजूद वे इस बारे में कैसे अनजान रहे?
गांव की बस्ती से सटा यह जंगल कभी घना था और यहां खैर के कई पेड़ थे, लेकिन इसके बड़े हिस्से में पेड़ों की कटाई कर दी गई है। कई ग्रामीणों ने सरकारी अधिकारियों पर माफिया से मिलीभगत का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस बीच, जंगल में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए वन विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम बुधवार देर शाम मौके पर पहुंची।
ऊना के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) सुशील राणा ने घटना को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए इसके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया है।
भाषा प्रचेता सुरेश
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