Petroleum Price Hike News: ‘हिमाचल प्रदेश में ख़त्म हो जाएगा पेट्रोल पंप कारोबार’.. ईंधन के दामों में इजाफे के बाद इस तरह फूटा कारोबारियों का गुस्सा
Himachal Pradesh Petroleum Price Hike News: हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर कारोबारियों और जनता में नाराजगी, सरकार से पुनर्विचार की अपील।
Himachal Pradesh Petroleum Price Hike News || Image- The CSR Journal File
- हिमाचल में ईंधन कीमतों में इजाफा
- पेट्रोल पंप कारोबार पर पड़ सकता है असर
- जनता और व्यापारियों ने विरोध जताया
शिमला: हिमाचल प्रदेश के लोग सुखु सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के फैसले से नाखुश हैं। दरअसल हिमाचल प्रदेश सरकार ने कहा कि कल्याणकारी उपकर के रूप में लगाया गया यह शुल्क विधवाओं और अनाथ बच्चों की सहायता के लिए बनाई जा रही योजनाओं के लिए है। (Himachal Pradesh Petroleum Price Hike News) हालांकि इस फैसले के बाद कारोबारी और आम लोगों के प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही है।
‘कारोबार पर पड़ेगा बुरा असर’
धर्मशाला के एक पेट्रोल पंप के मैनेजर दविंदर पठानिया ने न्यूज एजेंसी को बताया, “हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल पंप का कारोबार खत्म हो जाएगा। क्योंकि हमारे दाम पंजाब और हरियाणा समेत अन्य राज्यों से भी ज्यादा हो जाएंगे। सीमा सिर्फ 70-80 किलोमीटर दूर है, इसलिए हमारे कारोबार पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा। हम पहले से ही संकट का सामना कर रहे हैं और इससे महंगाई और बढ़ जाएगी। ट्रक, बस और टैक्सी का किराया भी बढ़ जाएगा। सरकार कड़ा कदम उठा रही है। यह एक जरूरी वस्तु है और इससे हम सभी बुरी तरह प्रभावित होंगे, इसलिए मुझे लगता है कि सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।”
भाजपा ने भी किया फैसले का विरोध
भाजपा के हिमाचल प्रदेश प्रवक्ता राकेश शर्मा ने बताया, “यह अच्छी बात है कि मुख्यमंत्री विधवाओं और विशेष बच्चों की मदद करना चाहते हैं, लेकिन प्रस्तावित मूल्य वृद्धि की तुलना में उनकी संख्या बहुत कम है। चूंकि हमारे यहां रेलवे की सुविधा नहीं है और आम लोग ज्यादातर बसों से यात्रा करते हैं, इसलिए इस फैसले से राज्य के गरीब लोगों पर बुरा असर पड़ेगा। (Himachal Pradesh Petroleum Price Hike News) पांच रुपये की बढ़ोतरी बहुत ज्यादा है और इससे महंगाई बढ़ेगी। इसका मतलब है कि सुखु सरकार गरीब लोगों की परवाह नहीं कर रही है। अगर वे यह फैसला वापस नहीं लेते हैं तो हम निश्चित रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे।”
‘पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी बहुत बड़ी’
सेवानिवृत्त कर्मचारी बीसी बरवाल ने कहा, “यह निर्णय आम जनता के हित में नहीं है। हिमाचल सरकार को अन्य संसाधनों के विकास से धन जुटाना चाहिए और यह निर्णय जनता पर अतिरिक्त बोझ डालेगा, इसलिए यह बिल्कुल भी अच्छा निर्णय नहीं है। सरकार के पास पर्याप्त धन है और उसे इसका उचित उपयोग करना चाहिए।”
टैक्सी मालिक नवीन गुलेरिया ने एएनआई को बताया, “एक टैक्सी संचालक होने के नाते मैं कहना चाहूंगा कि सरकार का उद्देश्य केवल 20 या 50 पैसे प्रति लीटर बढ़ाने से ही पूरा हो जाएगा, पांच रुपये प्रति लीटर की रकम बहुत बड़ी है। इसलिए सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।”
सरकार से फैसले पर फिर से विचार की अपील
पर्यटन उद्योग से जुड़े चंदर ने एएनआई को बताया, “पेट्रोल टैंक भरवाते समय पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी बहुत बड़ी रकम है, यानी लगभग 500 रुपये की बढ़ोतरी होगी। तो जनता को यह रकम क्यों चुकानी चाहिए? हम पहले से ही संकट में हैं, लेकिन किसी तरह गुजारा कर रहे हैं, इसलिए यह बहुत बड़ी बढ़ोतरी है। (Himachal Pradesh Petroleum Price Hike News) मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि वे इस प्रस्तावित बढ़ोतरी पर पुनर्विचार करें और इसे कम करें। हम अक्सर दूसरे राज्यों में यात्रा करते हैं और हम पंजाब या हरियाणा से पेट्रोल खरीदना पसंद करेंगे, जिससे दूसरे राज्यों को फायदा होगा। क्योंकि टैक्सी मालिक के लिए कुछ सौ रुपये की बचत भी बहुत मायने रखती है। इसलिए इससे निश्चित रूप से समस्या पैदा होगी।”
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