‘हिमालयन इकोज फेस्टिवल’ में अमीश, नमिता गोखले समेत कई नामी वक्ता होंगे शामिल

‘हिमालयन इकोज फेस्टिवल’ में अमीश, नमिता गोखले समेत कई नामी वक्ता होंगे शामिल

‘हिमालयन इकोज फेस्टिवल’ में अमीश, नमिता गोखले समेत कई नामी वक्ता होंगे शामिल
Modified Date: September 3, 2026 / 07:27 pm IST
Published Date: September 3, 2026 7:27 pm IST

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) चर्चित लेखक अमीश, साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित नमिता गोखले, प्रसिद्ध इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल और भूटानी उपन्यासकार चादोर वांगमो ‘हिमालयन इकोज फेस्टिवल’ के 11वें संस्करण में हिस्सा लेंगे। यह महोत्सव 30-31 अक्टूबर को नैनीताल में आयोजित किया जाएगा।

दो दिवसीय यह महोत्सव अपने पारंपरिक आयोजन स्थल एबॉट्सफोर्ड एस्टेट में आयोजित किया जाएगा। इसमें लेखक, कलाकार, पर्यावरणविद् और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल होंगे। इस दौरान साहित्य, पारिस्थितिकी, स्थानीय ज्ञान परंपराओं और पहाड़ी संस्कृति से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।

लेखिका और फिल्मकार जान्हवी प्रसाद द्वारा स्थापित यह महोत्सव, 2026 संस्करण में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) और उत्तराखंड पर्यटन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

आगामी संस्करण में स्विट्जरलैंड के लेखक बेंजामिन वियाटे भी शामिल होंगे, जो इस महोत्सव में स्विट्जरलैंड का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले वक्ता होंगे। वियाटे ने यूरोप से भारतीय हिमालय तक पैदल 14,000 किलोमीटर की यात्रा की थी।

समारोह से पूर्व बुधवार को यहां स्विस दूतावास में आयोजित पूर्वावलोकन कार्यक्रम में भारत में स्विट्जरलैंड की राजदूत माया त्साफी ने यह जानकारी दी।

वक्ताओं की सूची में कवि सुदीप सेन, लेखिका सुनीता पंत बंसल और पारो आनंद तथा ‘पीपल बाबा’ के नाम से मशहूर स्वामी प्रेम परिवर्तन भी शामिल हैं।

इस पूर्वावलोकन कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ‘रेडिसन हिमालयन इकोज नेचर पुरस्कार-2026’ के विजेता की घोषणा रही। यह पुरस्कार पर्यावरणविद् और लेखिका मृदुला रमेश को जलवायु लचीलेपन, जल सुरक्षा और टिकाऊ कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में उनके बेहतरीन नेतृत्व के लिए दिया गया।

रमेश ‘सुंदरम क्लाइमेट इंस्टीट्यूट’ की संस्थापक हैं और ‘‘द क्लाइमेट सॉल्यूशन’’, ‘‘वाटरशेड’’ तथा ‘‘द प्रलय प्रॉफेसी’’ जैसी पुस्तकों की लेखिका हैं। वह पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर वैज्ञानिक शोध, कहानी कहने की कला और समुदाय आधारित प्रयासों को एक साथ जोड़कर काम करती हैं।

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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