हिमंत ने 10 दिनों में 472 करोड़ रुपये के जब्त मादक पदार्थ को नष्ट करने का अभियान शुरू किया
हिमंत ने 10 दिनों में 472 करोड़ रुपये के जब्त मादक पदार्थ को नष्ट करने का अभियान शुरू किया
नलबाड़ी (असम), 12 जुलाई (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने राज्य भर में जब्त किए गए 472 करोड़ रुपये के मादक पदार्थों को अगले 10 दिनों में नष्ट करने का अभियान रविवार को शुरू किया।
नलबाड़ी जिले में इस अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि असम को नशा-मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार मादक पदार्थों से जुड़े मामलों से निपटने में “सख्त” रुख अपनाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “नलबाड़ी के दौलाशाल में 14वें एपीबीएन परिसर में मादक पदार्थों को नष्ट करने के असम के राज्य-व्यापी अभियान की शुरुआत के मौके पर, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने घोषणा की कि असम पुलिस द्वारा जब्त किए गए 472.51 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के मादक पदार्थों को अगले 10 दिनों में नष्ट कर दिया जाएगा।”
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र की मदद से एक कदम आगे बढ़ रही है, क्योंकि वह आने वाले समय में अंतर-राज्यीय मादक पदार्थ गिरोहों को खत्म करने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा, “केंद्र और राज्य की यह संयुक्त पहल हमें मादक पदार्थों की तस्करी पर नजर रखने, आदतन अपराधियों की पहचान करने, असम में घुसने से पहले ही उन्हें सीमा पर पकड़ने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए मजबूत मामला तैयार करने में मदद करेगी। मादक पदार्थ के खिलाफ इस लड़ाई में हम कोई नरमी नहीं बरतेंगे – यह हमारा वादा भी है और चेतावनी भी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में सिर्फ सीमा पर बाड़ लगाना ही काफी नहीं है, इसलिए मादक पदार्थ के धंधे में शामिल गिरोह को खत्म करने की कोशिश करना जरूरी है।
शर्मा ने कहा कि पिछले पांच सालों में, असम की अलग-अलग एजेंसियों ने 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के मादक पदार्थ जब्त किये हैं, इस धंधे में शामिल 26,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है और डर पैदा करने के लिए उन पर स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत आरोप लगाए हैं।
बाद में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मादक पदार्थ के खिलाफ असम सरकार की लड़ाई को अगले पांच वर्षों में और तेज़ किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “इसके लिए सरकार टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी और लोगों का सहयोग लेगी ताकि दोषियों को अदालत में कानूनों के तहत कड़ी सजा दिलाई जा सके।”
भाषा प्रशांत वैभव
वैभव

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