हिंदूवादी ‘इन्फ्लुएंसर’ भारद्वाज को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

हिंदूवादी ‘इन्फ्लुएंसर’ भारद्वाज को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

हिंदूवादी ‘इन्फ्लुएंसर’ भारद्वाज को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
Modified Date: September 6, 2026 / 02:29 pm IST
Published Date: September 6, 2026 2:29 pm IST

(फाइल फोटो के साथ जारी)

नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले से जुड़े मामले में हिंदूवादी ‘सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज को रविवार को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

भारद्वाज को ड्यूटी मजिस्ट्रेट अंजलि सिंह के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये पेश किया गया जिन्होंने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

इससे पहले शनिवार को भारद्वाज को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर के आवास पर पेश किया गया था। अदालत ने आरोपी से हिरासत में एक दिन पूछताछ करने की दिल्ली पुलिस की याचिका स्वीकार कर ली थी।

दिल्ली पुलिस ने जून में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान नाबालिग कार्यकर्ता के पिता संजय कुमार पर कथित हमले के मामले में भारद्वाज के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में शुक्रवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा आपराधिक धमकी से संबंधित धाराएं भी जोड़ दी थीं।

भारद्वाज के खिलाफ लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

कॉजपा ने कथित हमले के मामले में भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। इसके कुछ घंटों बाद भारद्वाज को बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया।

यह कार्रवाई भारद्वाज के एक साक्षात्कार को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद की गई जिसमें उसने दावा किया था कि 23 जून के प्रदर्शन के दौरान उसने नाबालिग कार्यकर्ता के पिता का ‘‘सिर फोड़ दिया था।’’

भारद्वाज ने साक्षात्कार में कहा था, ‘‘मैंने सिर फोड़ दिया… क्या आपको पता है कि इस अपराध में कौन-सी धारा लगती है? धारा 307। उन्हें 60 टांके लगाने पड़े थे।’’

दिल्ली पुलिस ने इससे पहले कहा था कि संजय को लगी चोटें ‘‘साधारण’’ प्रकृति की थीं और स्टील के कड़े से लगी थीं। भारद्वाज ने बाद में एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि उसने आत्मरक्षा में हमला किया था।

इस बीच, पुलिस ने शुक्रवार को एक अलग मामले में नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत पर पॉक्सो अधिनियम के तहत नयी प्राथमिकी दर्ज की। शिकायत में पीड़िता को ऑनलाइन धमकियां देने और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया है।

खबरों के मुताबिक, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3), धारा 78 (पीछा करना) और धारा 79 (महिला की गरिमा का अपमान) के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 भी लगाई है।

भाषा

सिम्मी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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