होशियारपुर (पंजाब), पांच जुलाई (भाषा) होशियारपुर स्थित केंद्रीय जेल के भीतर से एक गैंगस्टर द्वारा बनाए गए कथित वायरल वीडियो से जुड़ी जांच के सिलसिले में जेल के एक उपाधीक्षक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय जेल में उपाधीक्षक के पद पर तैनात हरभजन सिंह को अपराध जांच एजेंसी (सीआईए) के कर्मियों ने चार और पांच जुलाई की मध्यरात्रि के दौरान गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी 14 जून को होशियारपुर के सिटी थाने में दर्ज एक प्राथमिकी के संबंध में की गई है।
पुलिस ने बताया कि हरभजन के खिलाफ पंजाब जेल और सुधारात्मक सेवाएं अधिनियम, स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हालांकि, पुलिस ने जेल अधिकारी की गिरफ्तारी का कारण बनने वाले आरोपों या सबूतों का खुलासा नहीं किया है।
यह मामला बठिंडा के तलवंडी साबो निवासी मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना के एक कथित वीडियो से जुड़ा है। मनप्रीत वर्तमान में होशियारपुर की केंद्रीय जेल में बंद है और यह वीडियो 14 जून को सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसमें उसने जेल कर्मचारियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने, पैसों की मांग किए जाने और जेल के भीतर मादक पदार्थों की उपलब्धता होने के आरोप लगाए थे।
मनप्रीत ने वीडियो में यह भी दावा किया कि कुछ जेल कर्मी कैदियों के साथ मारपीट करते हैं। उसने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जेलों में सुधार करने और कैदियों को अपना जीवन सुधारने का अवसर देने की अपील भी की थी।
इसके बाद जेल अधिकारियों ने इन आरोपों की जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान जेल में मनप्रीत सिंह के पास से बिना सिम कार्ड वाला एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
इस वीडियो के सामने आने से एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें विपक्षी नेताओं ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं कि एक कड़ी सुरक्षा वाले जेल में बंद गैंगस्टर इस तरह का वीडियो प्रसारित करने में कैसे सक्षम हुआ। भाषा प्रचेता दिलीप
दिलीप