जयपुर में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए अस्पताल अलर्ट मोड पर

जयपुर में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए अस्पताल अलर्ट मोड पर

जयपुर में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए अस्पताल अलर्ट मोड पर
Modified Date: April 28, 2026 / 03:24 pm IST
Published Date: April 28, 2026 3:24 pm IST

जयपुर, 28 अप्रैल (भाषा) राजधानी में चिलचिलाती गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए चिकित्सा शिक्षा निदेशालय अलर्ट मोड पर आ गया है। निदेशालय ने सभी अस्पतालों के लिए गर्मी से बचाव और लू से निपटने के लिये परामर्श जारी किया है।

चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के आयुक्त नरेश गोयल ने राज्य में लू—तापघात (हीट वेव) के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन को चिकित्सीय सुविधायें सुचारू रखने और आम नागरिकों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

परामर्श के तहत सभी चिकित्सा अधीक्षकों और चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे चिकित्सक, नर्सिंगकर्मी, पैरामेडिकलकर्मी और अन्य संबंधित कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर मुख्यालय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें।

सभी अस्पतालों में लू—तापघात और हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए सामान्य एवं गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) बेड्स आरक्षित रखने, आवश्यक दवाइयों और आइस पैक्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा वार्डों और आईसीयू में कूलर और एसी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

सवाई मानसिंह अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 8,500 से 10,000 मरीज उपचार के लिए आते हैं और 400 से 500 मरीज भर्ती रहते हैं। ऐसे में मरीजों और उनके साथ आने वालों के लिए गर्मी से राहत देने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है।

शर्मा ने बताया कि पंजीकरण काउंटर और धन्वंतरि भवन के बीच ग्रीन नेट लगाने का कार्य शुरू किया गया है।

उन्होंने बताया कि ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू में वातानुकूल शुरू कर दिए गए हैं तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर शाम के समय पानी का छिड़काव किया जा रहा है।

अतिरिक्त अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में दक्षिण विंग द्वितीय में हीट स्ट्रोक के मरीजों के इलाज के लिए अलग से वार्ड बनाया दिया गया है और आईसीयू में पांच बैड अलग से सुरक्षित रखे गए हैं।

उन्होंने कहा कि अभी तक वार्ड में हीट स्ट्रोक का कोई मरीज नहीं आया है, लेकिन आने वाले दिनों को देखते हुए तैयारी पूरी रखी गई है।

जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ आर एन सेहरा ने बताया कि अस्पताल में और हर वार्ड में कूलिंग सिस्टम शुरू कर दिया गया है। मरीजों के साथ आने वालों के लिए पानी की विशेष व्यवस्था की गई है। अस्पताल में रोजाना लगभग 1,300 बच्चे इलाज के लिए आते हैं और 200–250 बच्चे भर्ती रहते हैं। ऐसे में गर्मी से बचाव के लिए हर संभव तैयारी कर ली है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत ने नागरिकों को सलाह दी कि लू से बचने के लिए तरल पदार्थ लें, खाने-पीने का ध्यान रखें और खासतौर पर बुजुर्ग, बच्चे तथा गर्भवती महिलाएं सावधानी बरतें।

उन्होंने लोगों से सीधे धूप में जाने से बचने, बाहर जाते समय सिर ढकने या छाते का उपयोग करने, पानी पीकर बाहर निकलने और अपने साथ पानी की बोतल रखने का सुझाव दिया है।

भाषा बाकोलिया मनीषा रंजन

रंजन

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