नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन (आईपीए) को राष्ट्रीय महासंघ के रूप में मान्यता देने को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को केंद्र से स्पष्टीकरण मांगा।
अदालत ने आईपीए से इस मामले में ऑल इंडिया पिकलबॉल एसोसिएशन (एआईपीए) के अनुरोध पर विचार सहित निर्णय प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड पेश करने को कहा।
मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने एआईपीए द्वारा दायर अपील पर केंद्रीय खेल मंत्रालय और आईपीए को नोटिस जारी किया, जिसमें मंत्रालय के फैसले को बरकरार रखने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती दी गई थी।
मामले में अगली सुनवाई आठ मई को होगी।
पीठ ने एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ न्यू इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन की अपील पर भी नोटिस जारी किया।
पीठ ने आदेश दिया कि आईपीए की मान्यता के नवीनीकरण पर विचार करते समय, मंत्रालय को एआईपीए और न्यू इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन को लिखित दलीलें और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर प्रदान करना होगा।
सुनवाई के दौरान, पीठ ने केंद्र सरकार के वकील से सवाल किया कि आईपीए को मान्यता कैसे दी गई, जबकि कथित तौर पर वह राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) बनने के मानदंडों को पूरा नहीं करता था।
पीठ ने यह भी पूछा कि क्या एआईपीए को उसकी मान्यता संबंधी याचिका की औपचारिक अस्वीकृति के बारे में सूचित किया गया था।
पीठ ने केंद्र के वकील से पूछा, ‘‘दो आवेदन हैं। एक आवश्यकताओं को पूरा करता है, दूसरा नहीं… आपने दूसरे आवेदन पर छूट देकर विचार किया। यह कैसे स्वीकार्य है?… इससे अधिक मनमाना क्या हो सकता है? क्या आपने कभी उन्हें (एआईपीए को) सूचित किया कि आपकी मान्यता संबंधी याचिका आवश्यकताओं को पूरा नहीं करने के कारण अस्वीकृत कर दी गई है? ऐसी कोई सूचना है?’
केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि आईपीए एनएसएफ बन गया क्योंकि केवल एक इकाई को ही मान्यता मिल सकती है।
भाषा अविनाश पवनेश
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