केरल में बारिश का दौर जारी, सैकड़ों लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे

केरल में बारिश का दौर जारी, सैकड़ों लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे

केरल में बारिश का दौर जारी, सैकड़ों लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे
Modified Date: August 8, 2026 / 05:10 pm IST
Published Date: August 8, 2026 5:10 pm IST

तिरुवनंतपुरम, आठ अगस्त (भाषा) केरल के कई हिस्सों में शनिवार को भी बारिश जारी रही। कई इलाकों में बाढ़ के पानी का स्तर धीरे-धीरे ही कम हो रहा है, लेकिन अभी भी कई सड़कें और मकान जलमग्न हैं जिससे सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

अधिकारियों ने बताया कि अलप्पुझा के ऊपरी कुट्टनाड और कुट्टनाड क्षेत्र तथा कोट्टायम जिले के अंदरूनी इलाके सबसे ज्यादा बाढ़ से प्रभावित हैं। हालांकि, कई जगहों पर पानी का स्तर अब घटने लगा है।

कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का पानी बहुत धीमी गति से कम हो रहा है, जिसके कारण कई मकान और सड़कें अब भी जलमग्न हैं, जिससे स्थानीय निवासी फंसे हुए हैं।

अलप्पुझा-चंगनाशेरी सड़क समेत कई प्रमुख सड़कें अब भी जलमग्न हैं, जिससे इलाके में यातायात प्रभावित हुआ है। जलभराव वाले इलाकों से लोगों को लाने और ले जाने तथा जरूरी सामान को दूसरे स्थान पर पहुंचाने के लिए छोटी नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

बाढ़ से स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं पाई है जिसकी वजह से दक्षिण और मध्य जिलों के कई इलाकों में सैकड़ों लोग राहत शिविरों में ही रह रहे हैं।

इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार के लिए पत्तनमथिट्ठा, अलप्पुझा, कोट्टायम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

‘ऑरेंज अलर्ट’ का मतलब 11 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश से होता है।

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने कहा कि तेज हवाएं राज्य में मौसम से जुड़ी सबसे खतरनाक स्थितियों में से एक हैं। तेज हवाएं चलने के दौरान अक्सर पेड़ उखड़ने और शाखाएं टूटने जैसी घटनाएं होती हैं।

केएसडीएमए ने लोगों को तेज हवाओं और बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेने या वहां वाहन खड़े करने से बचने की सलाह दी।

स्थानीय निकायों, राजस्व अधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों से जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा गया है।

भाषा प्रचेता पवनेश

पवनेश


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