अयोध्या में पहली वर्षगांठ के अवसर पर सैकड़ों साधु-संतों और भक्तों ने राम कोट परिक्रमा की

अयोध्या में पहली वर्षगांठ के अवसर पर सैकड़ों साधु-संतों और भक्तों ने राम कोट परिक्रमा की

अयोध्या में पहली वर्षगांठ के अवसर पर सैकड़ों साधु-संतों और भक्तों ने राम कोट परिक्रमा की
Modified Date: August 21, 2026 / 03:56 pm IST
Published Date: August 21, 2026 3:56 pm IST

अयोध्या, 21 अगस्त (भाषा) अयोध्या में शुक्रवार को सैकड़ों संतों और श्रद्धालुओं ने राम कोट परिक्रमा परंपरा का एक साल पूरा होने के अवसर पर दैनिक राम कोट परिक्रमा की और इस दौरान मार्ग में कई स्थानों पर फूलों की वर्षा की गई।

इस वर्षगांठ समारोह का नेतृत्व श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा ने किया। जून में राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद सामने आने के बाद ट्रस्ट से इस्तीफा देने के पश्चात मिश्रा पहली बार मीडिया के सामने आए।

राम मंदिर परिसर के आसपास करीब तीन किलोमीटर लंबे मार्ग को राम कोट कहा जाता है। पिछले साल 21 अगस्त से अयोध्या के संतों का एक समूह यहां रोजाना परिक्रमा कर रहा है। यह परिक्रमा आमतौर पर सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे के बीच की जाती है।

शुक्रवार की परिक्रमा में शामिल स्थानीय संत रघुवर दास ने कहा कि एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर भव्य आयोजन किया गया। मार्ग में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने संतों पर फूल बरसाए।

उन्होंने कहा, “राम जन्मभूमि के आसपास स्थित मंदिरों की परिक्रमा करने की परंपरा रही है।”

पहली वर्षगांठ के कार्यक्रम की योजना अयोध्या के बड़ी संख्या में संतों और धार्मिक लोगों को एक साथ लाने के लिए बनाई गई थी। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बृहस्पतिवार को मिश्रा की अध्यक्षता में स्थानीय संतों के साथ बैठक में चर्चा की गई थी।

मिश्रा ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और दुरुपयोग को लेकर हालिया विवाद के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत की।

मिश्रा ने कहा, “राम कोट परिक्रमा राम भक्तों की आस्था और धार्मिक परंपरा से जुड़ी हुई है।”

भाषा सं आनन्द जोहेब

जोहेब


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