कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही पांचवें दिन भी बाधित, विपक्ष ने मंत्री नागेंद्र को हटाने की मांग की

कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही पांचवें दिन भी बाधित, विपक्ष ने मंत्री नागेंद्र को हटाने की मांग की

कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही पांचवें दिन भी बाधित, विपक्ष ने मंत्री नागेंद्र को हटाने की मांग की
Modified Date: August 21, 2026 / 03:46 pm IST
Published Date: August 21, 2026 3:46 pm IST

बेंगलुरु, 21 अगस्त (भाषा) कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन बाधित रही और विपक्ष ने सदन में हंगामा करते हुए मंत्री बी. नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की।

नागेंद्र पर राज्य सरकार के एक निगम में करोड़ों रुपये के कथित गबन के मामले में आरोप लगे हैं।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल सेक्युलर (जद एस) ने यह मुद्दा उठाया तथा नारेबाजी करते हुए नागेंद्र को तत्काल मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की।

विपक्ष के विरोध के बीच विधानसभा अध्यक्ष जी. एस. पाटिल ने मंत्री के. एच. मुनियप्पा को सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने को कहा।

उन्होंने इसके बाद उपाध्यक्ष मंकाल वैद्य से सदन में कुछ रिपोर्ट पेश करने को कहा।

इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में कुछ विधेयकों को विचार और पारित करने के लिए पेश कराया।

विपक्ष के विरोध के बीच विधानसभा ने बिना किसी चर्चा के तीन विधेयक पारित किए।

पारित किये गये विधेयकों में कर्नाटक अपार्टमेंट (स्वामित्व एवं प्रबंधन) विधेयक, 2026, कर्नाटक नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 और कर्नाटक नगरपालिकाएं (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने इसके बाद सदस्यों द्वारा दिए गए ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जवाब सदन के पटल पर रखवाए और सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

नागेंद्र ने कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में धन के गबन के आरोपों के बाद पूर्ववर्ती सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।

उन्हें तीन अगस्त को डी. के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार में फिर से मंत्री बनाया गया।

वह वर्तमान में योजना एवं सांख्यिकी मंत्री हैं।

ईडी ने वाल्मीकि निगम घोटाला मामले में बल्लारी के विधायक नागेंद्र को जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया था। बाद में बेंगलुरु की विशेष अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी।

इस मामले में ईडी और सीबीआई द्वारा दाखिल आरोपपत्र में नागेंद्र का नाम भी शामिल है।

भाषा जितेंद्र अविनाश

अविनाश


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